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Showing posts from August, 2018

राफेल पर राहुल पर आरोप उनकी बौखलाहट

राफेल डील पर जिस तरह राहुल गांधी जी का संसद के बाद अब हर जगह झूठ जगजाहिर हो रहा है, उससे एक बार फिर देश शर्मिंदा हो सकता है। कितना दुखद है कि जब बीते संसद सत्र में राहुल गांधी जी के आरोप के बाद फ्रांस तक को मीडिया में जाकर भारत सरकार के द्वारा ऐसी किसी गलत मंशा का खंडन किया गया, वहीं कांग्रेस लगातार इस विषय को बार-बार उठाकर दुनिया के सामने भारत की छवि को एक गैर-जिम्मेदाराना बनाने की कोशिश कर रही है। हकीकत में देखा जाए तो सत्ता पाने के लिए कांग्रेस की ये सारी बौखलाहट है और इसमें वह अच्छे-बुरे का फर्क भी खत्म कर चुकी है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने खुद  A   टू  Z   घोटाले किए हैं। नोटबंदी से कालेधन पर चोट हुई और अनकाउंटेड पैसा बैंकिंग सिस्टम में आया। राहुल चाहते हैं कि राफेल पर चढ़कर उनकर करियर लॉन्च हो तो ऐसा नहीं होगा। दरअसल, गांधी परिवार ने जो पैसा बनाया था, वह नोटबंदी से कागज हो गया ,   इसलिए राहुल इसका विरोध कर रहे हैं। केंद्र सरकार पर सवाल उठाने से पहले राहुल को यह सोचना चाहिए कि आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 48 महीना में किया गया विकास, कांग्...

माननीय प्रधानमंत्री जी का नेपाल दौरा अहम

माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी काठमांडू में होने वाली दो दिवसीय  ‘ बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर सेक्टोरल टेक्नीकल एंड इकॉनोमिक को-ऑपरेशन ’ ( बिम्सटेक) के चौथे सम्मेलन में शामिल होने के लिए नेपाल पहुंचे हैं।  BIMSTEC   सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से भी होगी। माननीय प्रधानमंत्री जी का दौरा इसलिए अहम है, क्योंकि असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी एनआरसी को लेकर विपक्षी दलों का इसे अनावश्यक तूल देने की ना-पाक कोशिश की जा रही है। उम्मीद है कि नेपाल भी केंद्र सरकार के इस फैसले के साथ खड़ा दिखाई देगा। आपको बता दें कि बिम्सटेक में सात देश-बांग्लादेश ,   भूटान , भारत ,   म्यांमार ,   नेपाल ,   श्रीलंका और थाइलैंड शामिल हैं। शामिल देशों की कुल आबादी  1 . 5   अरब है।   दुनिया के लिहाज से देखें तो यह  21   प्रतिशत है। इस समूह में शामिल देशों की कुल जीडीपी  2500   अरब डॉलर है। बिस्मटेक सम्मेलन दो साल बाद हो रहा है ,   इससे पहले भारत के गोवा...

किसी प्रधानमंत्री के लिए ऐसी सोच रखना देश-द्रोह के बराबर

कितना दुखद है कि मीडिया में आ रही खबरों में माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी की हत्या की साजिश का रहस्योद्घाटन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच के दौरान पुलिस द्वारा बरामद किए गए एक पत्र में नक्सलियों द्वारा पीएम मोदी की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। हकीकत तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन अगर इसमें तनिक भी सत्यता है तो वामपंथी विचारकों की ऐसी सोच देश के लिए किसी घातक मंशा से कम नहीं है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, भीमा कोरेगांव मामले की जांच के दौरान पुणे पुलिस को एक आरोपी के घर से ऐसा पत्र मिला था, जिसमें 'राजीव गांधी की हत्या' जैसी प्लानिंग का जिक्र किया गया था। पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की बात कही गई। पत्र में कहा गया था कि मोदी 15 राज्यों में भाजपा को स्थापित करने में सफल हुए हैं। यदि ऐसा ही रहा तो सभी मोर्चों पर पार्टी के लिए दिक्कत खड़ी हो जाएगी। ... कॉमरेड किसन और कुछ अन्य सीनियर कॉमरेड्स ने मोदी राज को खत्म करने के लिए कुछ मजबूत कदम सुझाए।‘ पत्र में कहा गया, ‘हम सभी राजीव गांधी जैसे...

सूबे की तेरह सड़कें सेंट्रल रोड फंड के माध्यम से विकसित होंगी

मुझे जानकर अति प्रसन्नता हुई कि सूबे की तेरह सड़कें सेंट्रल रोड फंड के माध्यम से विकसित होंगी। इन सड़कों को नए सिरे से निर्माण पर साढ़े चार सौ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पथ निर्माण विभाग ने इन तेरह सड़कों का प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेज दिया है, जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। सड़कों में मुंगेर का फुलका से बसौनी पथ, बांका में धौरैया पथ प्रमंडल स्थित रायपुर मोड़ से रजवार मोड़ा वाया धोबीडीह-सिन्हवार-रूपसा-पलतीचक पथ, रोहतास में सासाराम-तिलौथु पथ, दिनारा-बारून पथ, गया में एनएच-99 स्थित महकर से पुरानी डीटी रोड वाया सेवईचक महकानपुर, जेहलडीह, मौलानानगर, मसौढ़ा, गरबैभा, गोयठा, भिट्ठा, करनाठी, मौसांधी, चंदा, बाभनदेव पथ, भेवा, समस्तीपुर में रोसड़ा पथ प्रमंडल स्थित समस्तीपुर-दलसिंहसराय से शाहपुर पथ, पड़पुरा से सखवा पथ तथा बेगूसराय में एनएच-31 से कतरमाला भाया नरजुमनापुर-दमदारी प्रखंड पथ एवं विश्वकर्मा चौक से गौबारी-नारायण पिपरा, छौराही प्रखंड से भाखरडाह चौक पथ शामिल है। मैं बिहार की प्रगति के लिए सतत प्रयत्नशील रहे केंद्र की सरकार और बिहार सरकार को हृदय...

पौधरोपण के क्षेत्र में उत्सृष्ट काम करने वाले लोगों तथा संस्थाओं को सम्मानित करने की घोषणा

मैं पहले भी अपने माननीय नेता तथा बिहार के उपमुख्यमंत्री आदरणीय श्री सुशील मोदी जी के पर्यावरण को लेकर लिए फैसले की सराहना कर चुका हूं। आज भी मुझे गर्व हो रहा है, जब उन्होंने पौधरोपण के क्षेत्र में उत्सृष्ट काम करने वाले लोगों तथा संस्थाओं को सम्मानित करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार पांच अक्टूबर को आयोजित होने वाले डॉल्फिन दिवस कार्यक्रम में सम्मानित करेगी। मुझे जानकर बहुत हर्ष हो रहा है कि पर्यावरण एवं वन विभाग ने एक से 10 अगस्त को वन महोत्सव के दौरान 83 लाख पौधे लगाए हैं और ग्रामीण विकास विभाग ने 33 लाख पौधे लगाए हैं। उन्होंने जल्द ही डेढ़ करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को हासिल करने की बात कही। पौराणिक ग्रंथ में यह जिक्र है कि दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष का महत्व है। सरकार पौधों को संरक्षण करने वालों को भी पुरस्कृत करेगी। जहां एक ओर ग्लोबल वार्मिंग पर पूरे विश्व की चिंता है। 30 नवंबर 2015 को ही माननीय प्रधानमंत्री जी ने भी पेरिस में जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन के दौरान कहा था कि ग्लोबल वार्मिंग दुनिया के सामने खड़ी एक बड़ी चुनौती है। हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने अमीर द...

देश से माफी मांगें राहुल गांधी

राहुल गांधी जी, यूरोप दौरे में अब आपने जिस तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना अरब देशों के इस्लामिक आतंकी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से की है, उससे संघ के प्रति आस्था रखने वाले देश के करोड़ों लोगों की भावना को ठेस पहुंची है। आपको देश से माफी मांगनी चाहिए। क्या आपने देश को बदनाम करने की सुपारी ली हुई है ? आपको हिंदुस्तान को खत्म करने की कोशिश बंद कर देनी चाहिए। जिस संघ से माननीय राष्ट्रपति आदरणीय श्री रामनाथ कोविंद जी, माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी और पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी जैसे लोग निकले हैं, आप उसकी तुलना एक आतंकी संगठन से करते हैं। यह माफ करने लायक नहीं है। आपको लोकतंत्र से घृणा क्यों है? आप हिंदुओं से इतनी नफरत क्यों करते हैं? संघ का विचार वर्तमान सरकार की विचारधारा है। क्या आप कहना चाहते हैं कि भारत पर किसी आतंकी संगठन का राज है? क्या 2014 में भारत की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से आतंकी संगठन को सरकार चलाने के लिए चुना था? मेरा मानना है कि विदेशों में भारतीय नेता होने पर गर्व करने की बजाय कांग्रेस अध्यक्ष वहां देश को नीचा दिखाने का प्र...

बिहार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री आ. महेश शर्मा जी का धन्यवाद

ख्याति प्राप्त मिथिला पेंटिंग को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने  सुंदर पहल की है। दिल्ली जाने वाली ट्रेन बिहार संपर्क क्रांति नए लुक के साथ आज दरभंगा से प्रस्थान कर गई. ट्रेन की नौ बोगी को मिथिला पेंटिंग कर खूबसूरत ढंग से सजाया और संवारा गया है. बोगी पर मिथिला पेंटिंग पिछले एक महीने में 50 से अधिक महिला कलाकारों ने मिलकर बनाया है. धीरे धीरे ट्रेन की सभी कोचों पर यह पेंटिंग किया जा रहा है। इससे इस प्राचीन कला का प्रचार प्रसार होगा. विश्व ख्याति प्राप्त मिथिला पेंटिंग को बढ़ावा देने के लिए रेलवे की एक सुन्दर पहल। बिहार के दरभंगा जिले से नई दिल्ली जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति की बोगियों को मिथिला पेंटिंग से सजाया गया है| इससे इस प्राचीन कला का प्रचार प्रसार होगा| यह ट्रेन अब जिस रेल रूट से गुजरेगी मिथिला पेंटिंग का प्रचार प्रसार होगा. इससे न सिर्फ मिथिला पेंटिंग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ट्रेन की खूबसूरती भी बढ़ गयी है. इसमें सफर करने वाले लोग अपने आप को गौरवान्वित भी महसूस कर सकते हैं. रेलवे इसे एक प्रयोग के रूप में किया है, इसके परिणाम अच्छे आने पर आने वाले दिनों में और भी ट्रेन...

राहुल जी, आज महात्मा गांधी जी होते तो अफसोस कर रहे होते

कितना अजीब है कि आज़ादी से बाद से 60 वर्षों से अधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी की सोच का एक के बाद एक रहस्योद्घाटन हो रहा है। हम अपने देश का विदेशों में जाकर माखौल उड़ा रहे हैं, कितना अच्छा लग रहा है आपको राहुल गांधी जी ? मैं इस ब्लॉग के माध्यम से देश का ध्यान दिलाना चाहूंगा कि राहुल  गांधी जी ने  जर्मनी के हैम्बर्ग में जाकर कहा कि भारत में तो महिलाओं के खिलाफ हिंसा हो रही है। कहा कि पुरुष महिलाओं के बारे में अच्छी सोच नहीं रखते... उन्होंने कहा कि भारत में बेरोजगारी और लिंचिंग जैसी घटनाएं होती हैं... राहुल जी, क्या आपको पता है कि आप माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी को नीचा दिखाने और सरकार की विकास की दिशा को अवरूद्ध करने की सोच रखते रखते अच्छे बुरे का फर्क भी खत्म करते जा रहे हैं। देश की गरिमा और मर्यादा को तार तार कर रहे हैं। विदेशों में हमारे देश का माखौल और छवि धूमिल कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि फिर से देश की कमान आप जैसों के हाथों में गई तो देश का क्या हाल होगा। आपका ये कृत्य देश की करोड़ों माताओं, बहनों की बेइज्जती है। देश आपको माफ नही...

कांग्रेस के पाकिस्तान-प्रेम से देश फिर से स्तब्ध

बड़ा ताज्जुब है कि कांग्रेस का पाकिस्तान-प्रेम अब खुलकर सबके सामने आ रहा है। जिस तरह नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान के पीएम बने इमरान खान के मेहमान बनने पाकिस्तान जाते हैं ,  वहां के आर्मी चीफ के गले मिलते हैं और उस पर कांग्रेस उनका पीठ थपथपाती है ,  इससे साफ है कि भारत में अव्यवस्था फैलाने के लिए कैसे कांग्रेस चुपके-चुपके पाकिस्तान से दोस्ताना हाथ बढ़ा रही है। अखबारों व मीडिया में स्पष्ट है कि सिद्धू खुद राहुल गांधी जी से अनुमति लेकर पाकिस्तान गए थे। उसके बाद वहां के आर्मी चीफ से गले मिलने की सफाई देते हुए सिद्धू ने जिस प्रकार गुरुनानक देव के  550 वें प्रकाश उत्सव पर करतार पुर साहिब के लिए रास्ता खुलने का बेतुका संदर्भ पेश किया ,  वह किसी हास्यास्पद तर्क से कम नहीं है। सबसे आश्चर्य कि कांग्रेस लगातार सिद्धू का पक्ष लेती चली गई है। और उससे भी बड़ा आश्चर्य कि सिद्धू की मुलाकात की तुलना माननीय प्रधानमंत्री जी आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री से की जाने लगी ,  जो कूटनीतिक था। कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता जयवीर शेरगिल   जी ने पार्...

सर्वे से साफ, आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी ही एकमात्र विकल्प

इंडिया टुडे-कार्वी के मूड ऑफ द नेशन   ने एक सर्वे जारी किया है जो बताता है कि देश ने एक बार फिर विकास पुरुष हम सबके माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी को ही चुनने का फैसला किया है। यह कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल के लिए एक सबक है जो केंद्र सरकार की विकास की नीतियों  पर रोड़ा अटकाने का काम करते हैं। जुलाई  2018  पोल ( MOTN,   जुलाई  2018)   के अनुसार ,   कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए मोदी और शाह की जोड़ी को नई दिल्ली से दूर कर पाने में नाकाम रहेगी ,  जो बताता है कि आज भी जनता के मन में कांग्रेस के प्रति कितना गुस्सा है। सर्वे में बताया गया है कि एनडीए लोकसभा चुनाव में  543  सदस्यीय लोकसभा में  281  सीटों के साथ करीब-करीब आधे पर रह सकती है. वहीं यूपीए के खाते में 122  सीटें जा सकती हैं ,  जबकि अन्य सहयोगी दलों के खाते में शेष  140  सीटें आने की उम्मीद है. सर्वेक्षण के अनुसार ,  मूड ऑफ द नेशन जुलाई  2018  पोल (एमओटीएन जुलाई  2018)  के अनुसार माननीय प्रधानमंत्री...

मिसाइल हेलीना के सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्रालय को बधाई

मुझे जानकर बहुत हर्ष हुआ कि रक्षा मंत्रालय ने देश में विकसित गाइडेड बम (निर्देशित बम) स्मार्ट एंटी एयरफिल्ड वेपन्ज (एसएएडब्ल्यू) और टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल हेलीना का राजस्थान में अलग-अलग फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण पोखरण में किया। चांदन रेंज में वायु सेना के विमान से एसएएडब्ल्यू का सफल परीक्षण होना, पूरे देश के लिए गर्व की बात है।   एसएएडब्ल्यू युद्धक सामग्री से लैस था और पूरी सटीकता के साथ लक्ष्य पर निशाना साधने में यह सफल रहा। एसएएडब्ल्यू उम्दा दिशासूचक का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न जमीनी लक्ष्यों को तबाह करने में सक्षम है। यह दुनिया में अत्याधुनिक टैंक रोधी हथियारों में से एक है। इन दोनों हथियारों को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। निस्संदेह, इन सफल परीक्षणों से देश की रक्षा क्षमता को मजबूती मिलेगी। एसएएडब्ल्यू को वायुसेना के लिए विकसित किया गया है। वहीं ,   हेलीना भारतीय सेना के अस्त्रागार की शोभा बढ़ाएगा। देश की सुरक्षा के लिए हम ऐसे प्रयोग करते रहें, यह देश की रक्षा-क्षमता को मजबूत बनाता है। मैं देश के माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र ...

केरल में हालात में सुधार के लिए ईश्वर से प्रार्थना

केरल में बाढ़ ने पिछले 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सूबे के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं और मुझे मीडिया में 324 लोगों की जान जाने की खबर ने आहत कर दिया है। काफी संख्या में लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। मा. केंद्रीय गृहमंत्री आदरणीय श्री राजनाथ सिंह जी के बाद अब मा. प्रधानमंत्री आ. श्री नरेंद्र मोदी जी खुद हवाई सर्वेक्षण करने के लिए केरल पहुंच चुके हैं। वहां इस बार की बारिश और बाढ़ ने 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कई हिस्से पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। पानी को बाहर निकालने के लिए 80 डैम खोल दिए गए हैं। मा. केंद्रीय गृहमंत्री आ. श्री राजनाथ सिंह जी ने केरल के कुछ जिलों के हवाई सर्वे के बाद राहत-पैकेज का भी ऐलान किया। एनडीआरएफ और भारतीय वायुसेना भी राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। केरल में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारतीय वायुसेना ऑपरेशन 'करुणा' चला रहा है। 5 Mi-17V5 और तीन अन्य हेलिकॉप्टर के जरिए पथानामथिट्टा, एर्नाकुलम और त्रिशूर जिले में फंसे लोगों को बचाया गया है। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय ने केरल को राहत और बचाव कार्य के लिए 1300 लाइफ जैकेट्स, 571 लाइफब...

अटल जी सदा अमर रहेंगे

एक पत्रकार से लेकर कवि, फिर राजनेता और फिर देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठकर देश को एक नई दिशा प्रदान करने वाले श्रद्धेय आदरणीय अटल विहारी वाजपेयी जी… आज आदरणीय अटल जी के विदा होने से जिस तरह भारत ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में दुख का बोध प्रकट हुआ है, उसके बाद उनके प्रभाव के विषय में कुछ बोलना बाकी नहीं रह जाता है। यह अपने स्वस्पष्ट है। ऐसे प्रखर वक्ता जो दस वाक्यों का जवाब आधी लाइन में देकर बड़ी से बड़ी प्रेरणा देते थे, उनके विषय में कोई शब्द व्याख्या नहीं कर सकता। एक भाव ही है जो हम सबके हृदय में सदियों सदियों तक जीवंत रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शित करता रहेगा… हम ऐसे महान पुरुष को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और ज़रूर कहेंगे- श्रद्धेय अटल जी, आप जैसा युगपुरूष सदियों में एक होता है… आपको हृदय की गहराई से नमन है।

पूर्व प्रधानमंत्री परम आदरणीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जल्द स्वस्थ होने की कामना

पूर्व प्रधानमंत्री परम आदरणीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। मैं ईश्वर से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा हूं। मुझे बताते हुए यह गर्व हो रहा है कि हमारी पार्टी में अभिभावक के तौर पर एक ऐसे नेता रहे जो तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहने के साथ कुशल प्रशासक भी रहे। आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने कई ऐसे कदम उठाए, जिनसे देश की दशा और दिशा बदल गई। आदरणीय वाजपेयी जी ने 1991 में नरसिम्हाराव सरकार के दौरान शुरू किए गए आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया। वर्ष 2004 में जब उन्होंने मनमोहन सिंह को सत्ता सौंपी तब अर्थव्यवस्था की तस्वीर बेहद खूबसूरत थी। जीडीपी ग्रोथ रेट 8 फीसदी से अधिक था, महंगाई दर 4 फीसदी से कम थी और विदेशी मुद्रा भंडार लबालब था। आदरणीय वाजपेयी जी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में उनकी महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं स्वर्णिम चतुर्भुज और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को सबसे ऊपर रखा जाता है। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना ने चेन्नै, कोलकाता, दिल्ली और मुंबई को हाईवे नेटवर्क से कनेक्ट किया, जबकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए गांवों को पक्की सड़कों के जरिए शहरों स...

माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू जी की कर्तव्यनिष्ठा से हमें सीख मिलती है

मुझे यह जानकार बहुत प्रसन्नता हुई कि हम सबके अभिभावकतुल्य माननीय उपराष्ट्रपति आदरणीय श्री एम. वेंकैया नायडू जी ने अपने एक साल के कार्यकाल में उल्लेखनीय रिकॉर्ड बनाया है और मीडिया उनके इस ख्याति की सराहना भी कर रही है। बताया गया है कि छात्रों, युवाओं, किसान, विज्ञान, अनुसंधान व संस्कृति से जुड़े विषयों पर उनके कार्यक्रम केंद्रित रहे। उन्होंने इस दौरान ऐसे 313 कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जो उनकी कुल भागीदारी का 60 फीसद है। आदरणीय नायडू जी ने देश के सभी 29 राज्यों में से 28 का दौरा कर लिया जबकि 56 विश्वविद्यालयों और 16 अनुसंधान संस्थानों में हिस्सा लिया। उन्होंने साल के 365 दिनों में से 313 दिन बाहर आयोजित समारोहों में शिरकत की। हम आपको बताते चलें कि उन्होंने बीते वर्ष 11 अगस्त 2017 को 13वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। और उन्होंने पद की गरिमा के अनुरूप देश के हर हिस्से का दौरा किया। देश की संस्कृति को जानने-समझने के साथ युवाओं व छात्रों और किसानों से संबंधित समारोहों में हिस्सा लिया। दरअसल, पिछले एक साल के दौरान उनकी सक्रियता से जुड़े समारोहों को लेकर सचिवालय ने एक रिपोर्ट तैयार...

‘आधार’ पर आधारित चुनौतियों से निपटने के लिए लोगों को किया जाएगा जागरूक

हमारी सरकार ‘आधार कार्ड’ के प्रति लोगों में और अधिक जागरूकता और इस पर मिल रही चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष तैयारी कर रही है। इसी नज़रिए से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) आधार संख्या साझा करने के संबंध में लोगों को जागरूक करने की योजना बना रहा है। इसमें यह बताया जाएगा कि इस संदर्भ में उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना है। प्राधिकरण आधार संख्या को पैन, बैंक खाता और क्रेडिट कार्ड संख्या जैसी अन्य निजी सूचनाओं के समतुल्य बनाना चाहता है ताकि उपयोक्ताओं को अपनी निजी जानकारियां सार्वजनिक करने विशेषकर ट्विटर, फेसबुक जैसे सोशल मंचों पर साझा करने के प्रति सावधान किया जा सके। यूआईडीएआई की संबंधित प्रश्‍नावली में यह भी बताया जाएगा कि केवल आधार नंबर देने से भर से किसी को कोई नुकसान नहीं होगा क्‍योंकि यह बायोमीट्रिक्‍स व वन टाइम पासवर्ड जैसे सुरक्षा उपायों से लैस है। साथ ही इन बातों का जवाब भी दिया जाएगा कि क्‍या किसी का आधार नंबर लेने भर से क्‍या बैंक खाता खोला जा सकता है और फर्जी तरीके से पैसे निकाले जा सकते हैं। यूआईडीएआई ने जरूरी जांच के लिए बैंकों और अन्‍य संगठनों की भ...

पश्चिम बंगाल में गुंडाराज का एक और उदाहरण

कोलकाता में माननीय भाजपा अध्यक्ष की रैली से ठीक पहले जिस तरह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जी और उनकी पार्टी टीएमसी का असली चेहरा सामने आया है , उससे लग चुका है कि पश्चिम बंगाल के लोग किस गुंडाराज में भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। आदरणीय अमित शाह जी के रैली ग्राउंड को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जी के कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस के पोस्टरों से रंग दिया… पोस्टर वॉर शुरू कर दिया… जाहिर है ,  लोकतंत्र में ऐसे विरोध का कोई स्थान नहीं है। आप अगर किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और आपने बहुत अच्छी उपलब्धियां हासिल की हैं ,  तो आपको भाजपा से वहां डर क्यों लग रहा है ?  क्यों आप वहां  ‘ अमित शाह ,  गो-बैक ’   के नारे लगा रहे हैं  ?   यह दिखाता है कि कैसे आप पूरे पश्चिम बंगाल में तानाशाही रवैया अपना रही हैं और अपने कार्यकर्ताओं को भी इसी राह पर चलने की शिक्षा दे रही हैं। मुझे आश्चर्य तो तब हुआ ,  जब इस बारे में जब तृणमूल के नेताओं से मीडियाकर्मियों ने पूछा तो उन्होंने इस पर भी झूठ कहा कि  15  अगस्त की तैयारी के मद्देनजर तृण...

आदरणीय हरिवंश बाबू को बहुत-बहुत बधाई

राज्यसभा के उपसभापति बने राज्य सभा सांसद हरिवंश नारायण सिंह को मैं हृदय से बधाई देता हूं। 30 जून 1956 को सिताब दियारा को उनका जन्म हुआ और एक गांव में प्राथमिक शिक्षा हासिल करने के बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। यह बात आज इसलिए अहम है क्योंकि भारत गांवों में बसता है और हम एक गांव में साधारण परिवार में पले-बढ़े व्यक्ति को आदर्श मान सकते हैं, जो एक छोटे से गांव से निकलकर आज राज्यसभा के उपसभापति पद पर आसीन हो सकते हैं। बैरिया तहसील क्षेत्र के दलजीत टोला ( जयप्रकाशनगर ) के मूल निवासी आदरणीय हरिवंश बाबू को एनडीए की ओर से उपसभापति निर्वाचित होने की घोषणा होते ही गांव के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके पैतृक आवास पर पहुंचने लगे, उनके आवास पर मौजूद उनके चचेरे भाई आदरणीय कृष्ण सिंह को लोगो ने बधाई देनी शुरू कर दी। पूरे दिन सिताबदियारा के लोगों का तांता लगा रहा। लोगों मे यह चर्चा रही कि जेपी के जयप्रकाशनगर सिताबदियारा का नाम कई दशकों से चर्चा में रहा है फिर एक बार आदरणीय हरिवंश बाबू के उपसभापति चुने जाने पर नए रूप में चर्चित हो गया है। आदरणीय हरिवंश जी को बधाई द...

बिहार की जनता सब समझ रही है

बिहार के मुजफ्फरपुर कांड के मुद्दे पर मैं देश को यह कहना चाहता हूं कि वर्तमान बिहार सरकार की इस निष्पक्षता को समझें कि हमारी सरकार के एक मंत्री पर आरोप लगा तो उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया, क्या पूर्ववर्ती राजद सरकार या राजद नेताओं या राजद के मंत्रियों में इतनी पारदर्शिता थी क्या  ?   केवल अनर्गल बयान देने से नहीं होता है, बल्कि जिम्मेदारी लेना और जांच पूरी होने तक जनता की उम्मीदरों पर खरा उतरना, यही एनडीए सरकार का मंत्र रहा है। दूसरा विषय कि आज एक समाचार पत्र ने खुद यह बात प्रकाशित किया है कि    बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक बालिका गृह यौन शोषण मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर कुछ समय पहले तक कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करना चाहता था। यही नहीं, मुजफ्फरपुर से चुनाव भी लड़ना चाहता था और सबकुछ लगभग फाइनल हो गया था। हमारे माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी ने इस विषय पर कई बार कहा है कि इसकी वजह से वह शर्मसार हैं और उनकी सरकार हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग कर रही है। माननीय मुख्यमंत्री ने कई बार कहा है कि जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्र...

देश का ध्यान भटका रहे हैं राहुल

Turn off for: Hindi हाल में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी   का महिला सुरक्षा पर दिया गया बयान निंदनीय है। बीजेपी विधायकों का जिक्र कर जिस तरह उन्होंने अपनी संकीर्ण सोच का प्रमाण पेश किया है, अब उसके बाद उन पर कुछ भी कहना बेकार सा लगता है। यह उनकी घृणित सोच का परिचायक है। और यह बताता है कि कांग्रेस का एक जिम्मेदार अध्यक्ष ऐसी बात कह रहा है, मतलब कांग्रेस अपने किस स्तर से गुजर रही है। क्या महात्मा गांधी ने इसी कांग्रेस और ऐसे नेतृत्व की कल्पना की थी  ?   यह सोचने का विषय है। दूसरा कि राहुल गांधी जिस महिला आरक्षण बिल के लंबित होने की बात कह रहे हैं, उन्हें यह पता होना चाहिए कि मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से श्राप से मुक्ति दिलाने, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी कई योजनाओं की शुरूआत हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने ही की थी। राहुल गांधी को खुद पर शर्म करना चाहिए कि जिस महिला सम्मेलन में वह बीजेपी पर ये आरोप लगा रहे थे उन्हीं की सरकारों में महिला आरक्षण बिल को पास नहीं किया गया था। आज जब वो सरकार से बाहर हैं और देश में बेटियों के प्रति मा...

आदरणीय मोदी जी की सरकार में रेलवे का हुआ कायाकल्प

मोदीसरकार ने पिछले चार वर्षों में ऐसे कई कदम उठाए हैं जो रेलवे का कायाकल्‍प करने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने रेलवे को एक ऐसा इंजन बनाने का लक्ष्‍य रखा है जो नए भारत की दिशा में देश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करेगा। देखा जाए तो मोदी सरकार ने महज साढ़े तीन साल में इतना काम किया है कि वह तीस साल के बराबर है। मोदी सरकार के पहले तीन वर्ष में 16700 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया जबकि उससे   पिछले 30 साल में 19000 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण हुआ था। इसी तरह सरकार ने इस दौरान 12690 किलोमीटर रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी दी जबकि पिछले 30 साल में महज 7192 किलोमीटर रेल लाइनों का दोहरीकरण किया गया। रेल हादसों को रोकने के लिए इंजनों में माडर्न तकनीक पर आधारित 12000 करोड़ रूपये की सुरक्षा प्रणाली लगाई जा रही है। इसके तहत इलेक्‍ट्रिक इंजनों में यूरोपीयन ट्रेन प्रोटेक्‍शन सिस्‍टम लगाकर उसे पहले से अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए परंपरागत कोच की जगह अब सिर्फ हल्‍के व नए डिजाइन वाले एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। अब रेलवे अपने कारखानों में परंपर...

की वफ़ा हमसे तो ग़ैर ज़फ़ा कहते हैं...

दिल्ली में जंतर-मंतर पर राजद नेता तेजस्वी यादव मुजफ्फरपुर रेप कांड और बिहार के माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी के विरोध में धरने का आयोजन करते हैं। कैंडल मार्च कर सरकार के खिलाफ विरोध जताते हैं। और फिर कहते हैं कि वह यहां राजनीति करने नहीं आए हैं। सवाल है कि दुख किसे नहीं है  ?  इंसाफ कौन नहीं चाहता है   ?  क्या कोई मुख्यमंत्री अपने शासन में ऐसी घटनाओं को पसंद करेगा  ?   दोषियों को किसी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।   लेकिन जिस तरह राजद और विपक्षी दलों का चेहरा सामने आया है, उससे मुझे मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब का एक शेर याद आ रहा है-  की वफ़ा हमसे तो ग़ैर जफ़ा कहते हैं, होती आई है कि अच्छों को बुरा कहते हैं . राजद नेता यह भूल रहे हैं कि वो किसे उल्लू बना रहे हैं  ?  इसी बिहार में जब वह आदरणीय नीतीश जी के साथ सरकार में शामिल थे, कुर्सी का सुख भोग रहे थे तो बिहार की शासन व्यवस्था अच्छी होती थी... आदरणीय नीतीश जी उनके लिए एक योग्य और विकास पुरूष थे, लेकिन   अब जब वो सरकार में नहीं हैं, माननीय मुख्यमंत्री ने उनके कारनाम...

एनआरसी पर विपक्ष की दिग्भ्रमित करने वाली घृषित राजनीति से सावधान

असम में 30 जुलाई, 2018 को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का अंतिम ड्रॉफ्ट जारी कर दिया गया। यहां यह समझने की आवश्यकता है कि आखिर एनआरसी है क्या? दरअसल,  एनआरसी से पता चलता है कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं। जिनके नाम इसमें शामिल नहीं होते हैं, उन्हें अवैध नागरिक माना जाता है। जाहिर है, 1947 में बंटवारे के बाद असम के लोगों का पूर्वी पाकिस्तान में आना-जाना जारी रहा। इसके हिसाब से 25 मार्च, 1971 से पहले असम में रह रहे लोगों को भारतीय नागरिक माना गया है। असम पहला राज्य है जहां भारतीय नागरिकों के नाम शामिल करने के लिए 1951 के बाद एनआरसी को अपडेट किया जा रहा है। एनआरसी का पहला मसौदा 31 दिसंबर और एक जनवरी की रात जारी किया गया था, जिसमें 1.9 करोड़ लोगों के नाम थे। असम में बांग्लादेश से आए घुसपैठियों पर बवाल के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी अपडेट करने को कहा था। पहला रजिस्टर 1951 में जारी हुआ था। ये रजिस्टर असम का निवासी होने का सर्टिफिकेट है। इस मुद्दे पर असम में कई बड़े और हिंसक आंदोलन हुए हैं। 1979 में असम में घुसपैठियों के खिलाफ ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन ने आंदोलन किया। इसके बाद...

पहली बार किसी देश के प्रधानमंत्री ने स्वच्छता जैसै विषय को अभियान बनाया

पहली बार ऐसा हुआ है कि देश के किसी प्रधानमंत्री ने स्वच्छता जैसे विषय को एक अभियान की तरह इसकी शुरूआत की और देशवासियों ने भी उसे सिर-आंखों पर बिठाया। स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा चलाया गया सबसे महत्वपूर्ण स्वच्छता अभियान है। हम आपको याद दिला दें कि माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया गेट पर स्वच्छता के लिए आयोजित एक प्रतिज्ञा समारोह की अगुआई की थी, जिसमें देश भर से आए हुए लगभग 50 लाख सरकारी कर्मचारियों ने भाग लिया था। उन्होंने इस अवसर पर राजपथ पर एक पदयात्रा को भी झंडी दिखाई थी और न केवल सांकेतिक रूप से दो चार कदम चले बल्कि भाग लेने वालों के साथ काफी दूर तक चलकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। स्वच्छता के जन अभियान की अगुआई करते हुए माननीय प्रधानमंत्री ने जनता को महात्मा गांधी के स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण वाले भारत के निर्माण के सपने को साकार करने के लिए प्रेरित किया। आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं मंदिर मार्ग पुलिस थाने में स्वच्छता अभियान को शुरू किया। धूल-मिट्टी को साफ़ करने के लिए झाडू उठाकर स्वच्छ भारत अभियान को पूरे राष्ट्र के लिए एक जन-...

1.18 करोड़ छोटे उद्यमियों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन मिला

केंद्र सरकार ने छोटे उद्यम शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ( PMMY) शुरू की है। इसके तहत लोगों को अपना उद्यम (कारोबार) शुरू करने के लिए छोटी रकम का लोन दिया जाता है। यह योजना अप्रैल 2015 में शुरू हुई थी। केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के दो उद्देश्य हैं। पहला , स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन देना। दूसरा , छोटे उद्यमों के जरिए रोजगार का सृजन करना। अगर आप भी अपना कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी की समस्या का सामना कर रहे हैं तो केंद्र सरकार की इस पहल से आप अपने सपने को साकार कर सकते हैं। सरकार की सोच यह है कि आसानी से लोन मिलने पर बड़े पैमाने पर लोग स्वरोजगार के लिए प्रेरित होंगे। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के मौके भी बनेंगे। मुद्रा योजना से पहले तक छोटे उद्यम के लिए बैंक से लोन लेने में काफी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं। लोन लेने के लिए गारंटी भी देनी पड़ती थी। इस वजह से कई लोग उद्यम तो शुरू करना चाहते थे , लेकिन बैंक से लोन लेने से कतराते थे। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफाइनेंस एजेंसी ( Micro Units Development Refinance Agency) है। ...