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‘आधार’ पर आधारित चुनौतियों से निपटने के लिए लोगों को किया जाएगा जागरूक

हमारी सरकार ‘आधार कार्ड’ के प्रति लोगों में और अधिक जागरूकता और इस पर मिल रही चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष तैयारी कर रही है। इसी नज़रिए से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) आधार संख्या साझा करने के संबंध में लोगों को जागरूक करने की योजना बना रहा है। इसमें यह बताया जाएगा कि इस संदर्भ में उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना है। प्राधिकरण आधार संख्या को पैन, बैंक खाता और क्रेडिट कार्ड संख्या जैसी अन्य निजी सूचनाओं के समतुल्य बनाना चाहता है ताकि उपयोक्ताओं को अपनी निजी जानकारियां सार्वजनिक करने विशेषकर ट्विटर, फेसबुक जैसे सोशल मंचों पर साझा करने के प्रति सावधान किया जा सके। यूआईडीएआई की संबंधित प्रश्‍नावली में यह भी बताया जाएगा कि केवल आधार नंबर देने से भर से किसी को कोई नुकसान नहीं होगा क्‍योंकि यह बायोमीट्रिक्‍स व वन टाइम पासवर्ड जैसे सुरक्षा उपायों से लैस है। साथ ही इन बातों का जवाब भी दिया जाएगा कि क्‍या किसी का आधार नंबर लेने भर से क्‍या बैंक खाता खोला जा सकता है और फर्जी तरीके से पैसे निकाले जा सकते हैं। यूआईडीएआई ने जरूरी जांच के लिए बैंकों और अन्‍य संगठनों की भी जिम्‍मेदारी तय कर दी है।

हमारी सरकार उन सभी मापदंडों पर विचार कर रही है जो किसी तरह के फर्जीवाड़े से बचने के लिए ज़रूरी साबित होती है। पहले अक्सर देखा गया है कि पहचान पत्र को लेकर बहुत दुविधा होती थी। लेकिन केंद्र सरकार ने देशभर में ‘आधार’ की मुहिम चलाकर एक नई क्रांति का सूत्रपात किया है।

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