एक पत्रकार से लेकर कवि, फिर राजनेता और फिर देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठकर देश को एक नई दिशा प्रदान करने वाले श्रद्धेय आदरणीय अटल विहारी वाजपेयी जी… आज आदरणीय अटल जी के विदा होने से जिस तरह भारत ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में दुख का बोध प्रकट हुआ है, उसके बाद उनके प्रभाव के विषय में कुछ बोलना बाकी नहीं रह जाता है। यह अपने स्वस्पष्ट है। ऐसे प्रखर वक्ता जो दस वाक्यों का जवाब आधी लाइन में देकर बड़ी से बड़ी प्रेरणा देते थे, उनके विषय में कोई शब्द व्याख्या नहीं कर सकता। एक भाव ही है जो हम सबके हृदय में सदियों सदियों तक जीवंत रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शित करता रहेगा… हम ऐसे महान पुरुष को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और ज़रूर कहेंगे- श्रद्धेय अटल जी, आप जैसा युगपुरूष सदियों में एक होता है… आपको हृदय की गहराई से नमन है।
आज सुबह सुबह मध्य प्रदेश की एक ऐसी खबर पर नजर गई जो कांग्रेस एवं तमाम विपक्षी दलों के झूठ और किसानों को दिए झाँसे की पोल खोल कर रख देती है... झूठ के बल पर जहां कांग्रेस ने हाल में कुछ राज्यों में सरकारें बना ली, वहीं जब सच में किसानों का कर्ज माफी की बात सामने आ रही है तो नतीजा गोलमाल और हेराफेरी सा प्रतीत हो रहा है... मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में किसान ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू होते ही 76 कृषि साख सहकारी समितियों में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। समितियों की ओर से पंचायत पर ऋणदाताओं की सूची चस्पा की तो ऐसे किसान सामने आए, जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं, लेकिन वह कर्जदार हैं। किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा व समितियों पर पहुंच कर आपित्त दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि जब बैंक से कर्ज लिया ही नहीं तो माफी कैसी? जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से किसानों को फसल के लिए ऋण साख सहकारी समितियों के माध्यम से दिया जाता है। पिछले दस साल में बिना कागजी कार्रवाई किए 120 करोड़ का फर्जी ऋण वितरण किया गया। वर्ष 2010 में ऋण वितरण घोटाला सामने आया था, लेकिन तत्कालीन भाजपा...

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