एक पत्रकार से लेकर कवि, फिर राजनेता और फिर देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठकर देश को एक नई दिशा प्रदान करने वाले श्रद्धेय आदरणीय अटल विहारी वाजपेयी जी… आज आदरणीय अटल जी के विदा होने से जिस तरह भारत ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में दुख का बोध प्रकट हुआ है, उसके बाद उनके प्रभाव के विषय में कुछ बोलना बाकी नहीं रह जाता है। यह अपने स्वस्पष्ट है। ऐसे प्रखर वक्ता जो दस वाक्यों का जवाब आधी लाइन में देकर बड़ी से बड़ी प्रेरणा देते थे, उनके विषय में कोई शब्द व्याख्या नहीं कर सकता। एक भाव ही है जो हम सबके हृदय में सदियों सदियों तक जीवंत रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शित करता रहेगा… हम ऐसे महान पुरुष को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और ज़रूर कहेंगे- श्रद्धेय अटल जी, आप जैसा युगपुरूष सदियों में एक होता है… आपको हृदय की गहराई से नमन है।
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आ. नरेंद्र मोदी जी ने एक नारा दिया था, सबका साथ, सबका विकास... देशवासियों को इसका पर्याय एक के बाद समझ में आ गया होगा। 07 जनवरी 2019 को हिन्दुस्तान के संवैधानिक इतिहास में एक ऐसा मोड़ आया, जब आरक्षण के चल रहे मापदंडों को बिना छेड़े, सवर्णों को भी 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा मा. प्रधानमंत्री ने कर दी। मेरा मानना है कि इससे ज्यादा ‘अच्छे दिन’ का उदाहरण देने की आवश्यकता नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक के बाद एक सकारात्मक कदम इस बात का सुबूत है कि हम विकास की ओर दिन प्रतिदिन अग्रसर हो रहे...

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