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Showing posts from July, 2018

देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए फ्री शौचालय की मिल रही सुविधा

भारत सरकार देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए लगातार काफी प्रयास कर रही है। केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक कई ऐसी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है,   जिससे देश को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। इस कड़ी में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छ भारत मिशन एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत भारत सरकार देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए फ्री शौचालय उपलब्ध करवा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत फ्री शौचालय देश के गरीब परिवारों को उपलब्ध कराया जाता है, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। और वह शौचालय निर्माण करवाने में असमर्थ हैं। ऐसे परिवारों को सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है,  जिससे वह शौचालय का निर्माण करा सकें   और देश को स्वच्छ बनाने में अपना सहयोग प्रदान कर सके। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग प्रदान करना है। देश के ऐसे गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाता है  जिनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है। और वह अपना शौचालय का निर्माण कराने में असमर्थ हैं,    जिसके कारण उन्ह...

चार वर्षों में मिसाल कायम हुआ

मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि आदरणीय मोदी जी की सरकार ने चार साल में वो काम कर दिखाया है जो कांग्रेस नेतृत्व के 60 वर्षों में नहीं हुआ था। विकास कार्यों के अलावा मोदी सरकार जन-धन योजना , स्वच्छता अभियान , नकद सब्सिडी हस्तांतरण योजना , सड़क निर्माण , सौभाग्य योजना , उज्ज्वला योजना , प्रधानमंत्री मुद्रा योजना , मेक इन इंडिया , डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया जैसे कार्यों को अपनी उपलब्धियों के रूप में बताएगी। हाल ही में मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत रिकॉर्ड शौचालय निर्माण कर और सौभाग्य योजना के तहत पूरे भारत में गांव-गांव बिजली पहुंचाकर उल्लेखनीय कार्य किया है। देश की जनता ने मोदी सरकार की साफ नियत और सही विकास को फिर से जारी रखने का मन बना लिया है। मोदी सरकार गांव-गांव बिजली पहुंचाने के बाद अब घर-घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य , उज्ज्वला योजना में अब पांच करोड़ घरों का नया लक्ष्य और हर दिन 50 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य जनता के सामने रखने जा रही है। भारत ने 18 , 000 गांवों में बिजली पहुंचाने का महत्वाकांक्षी मिशन तय किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की थी कि 1000 दिनों के भीतर स...

सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ उठाएं माता - पिता

जनवरी 2014 में मा. प्रधानमंत्री आ. श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कैंपेन के तहत सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की थी। आप भी आसानी से इस योजना का फायदा उठा सकते हैं और अपनी बिटिया का सुनहरा भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं। सुकन्‍या समृद्धि योजना का खाता आप किसी भी पोस्‍ट ऑफिस या बैंकों की अधिकृत शाखा में खुलवा सकते हैं। आम तौर पर जो भी बैंक पीपीएफ खाता खोलने की सुविधा उपलब्‍ध कराते हैं, वे सुकन्‍या समृद्धि योजना का खाता भी खोलते हैं। अकाउंट खुलवाने का फॉर्म  सुकन्‍या समृद्धि योजना का फॉर्म पोस्‍ट ऑफिस या बैंक से भी प्राप्‍त कर सकते हैं। पैसे जमा करने के लिए आप नेटबैंकिंग का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। आप एक बेटी के नाम ऐसा एक ही खाता खुलवा सकते हैं। कुल मिला कर आप दो बेटियों के नाम यह खाता खुलवा सकते हैं, लेकिन अगर दूसरी बेटी के जन्‍म के समय आपको जुड़वां बेटी होती है तो आप तीसरा खाता भी खुलवा सकते हैं। आपको बता दें कि यह एक लॉन्ग-टर्म डेट स्कीम है, जिसमें कोई भी शख्स बेटी के जन्म से लेकर उसके 10 साल की हो जाने तक कभी भी अकाउंट खुलवा सकता है। यह अकाउंट बच्ची के 21 स...

कौशल विकास योजना का लाभ उठाएं देश के युवा

विदेशी हो या स्वदेसी ,  आज भारत के हर घर में पाएंगे आप ढेरों इलेक्ट्रिक उपकरण। वो चाहें टीवी हो या टैबलेट ,  मोबाइल हो या अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण या ढेरों ऐसी वस्तुएं ,  जिनकी सर्विसेस की हमें ज़रूरत पड़ती है। जिसके लिए हमें आवश्यकता होती है ,  लेटेस्ट टेक्नोलॉजिज के साथ ट्रेंड टेक्निशियंस की। इसीलिए भारत में इस बढ़ती ज़रूरत को पूरा करने का जिम्मा उठाया है भारत सरकार ने, उन्हें देकर कौशल विकास योजना की सौगात। स्किल डिवेलपमेंट के मामले में   हमारा देश  दू सरे देशों के मुकाबले काफ़ी पीछे  रहा था।  नेशनल सैंपल सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार भारत की स्किल डेवलपमेंट  3 . 5  थी  और  2019  तक भारत को  12  करोड़ स्किल युवाओं की जरूरत हो गी ,  इसे देखते हुए  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  15  जुलाई  2015  को युवाओं के लिए कौशल विकास योजना  की शुरूआत की…   इस योजना का मुख्य उदेश्य देश में गरीबी को खत्म कर ज्यादा से ज्यादा युवाओं को शिक्षित कर उन्हें   रोजगार दिलाना है … इसके...

उज्जवला योजना से देश की माताओं- बहनों को मिला वरदान

उज्जवला योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है, जिनके पास गैस कनेक्शन नहीं था और उन्हें खाना बनाने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इस योजना के माध्यम से उन परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाया गया और ग्रामीण महिलाओं को सशक्त भी किया गया। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बीपीएल राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में सेलेंडर दिया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 3 करोड़ परिवार इसके लाभार्थी हैं। इस योजना ने देश के उन करोड़ों परिवारों को अंधेरे से रौशनी की तरफ ले जाने का काम किया है, जो कांग्रेस नेतृत्व की सरकारों से 60 वर्षों के दौरान दिया था। जिन माताओं- बहनों ने अभी तक इसका लाभ नहीं उठाया है, उनको कहना चाहूंगा कि इस योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने के लिए BPL परिवार की कोई महिला आवेदन कर सकती है। इसके लिए आपको KyC फार्म भर कर नजदीकी एलपीजी केंद्र में जमा करना होगा। आवेदन के लिए 2 पेज का फॉर्म, जरूरी दस्‍तावेज, नाम, पता, जन धन बैंक अकाउंट नंबर, आधार नंबर की जरूरत पड़ती है। आवेदन करते समय आपको यह भी बताना होगा कि आप 14.2 किलोग्राम का...

वर्ष 2022 तक हर व्यक्ति के घर का सपना होगा पूरा

प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत सरकार ने 2022 तक देश में हर नागरिक के सिर पर अपनी छत का सपना संजोया है। शहरी और ग्रामीण दो अलग अलग वर्गों में शुरू की गई इस योजना के तहत राज्यों को विभिन्न आवास योजनाओं में धन मुहैया कराया जा रहा है। आवास योजना में बेहद कम दर पर कर्ज भी दिए जा रहे हैं। योजना धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  20  नवम्बर , 2016  को आगरा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का शुभारंभ किया था।  2022  तक  ‘ सबके लिए आवास ’  लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पीएमएवाई-जी के अंतर्गत  31  मार्च , 2019  तक एक करोड़ तथा  2022  तक  2 . 95  करोड़ पक्के आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से  51  लाख घरों का निर्माण  31  मार्च , 2018  तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अंतर्गत आईएवाई के तहत बनने वाले  2  लाख निर्माणाधीन आवास भी शामिल हैं। ग्रामीण आवास योजना के प्रदर्शन में तेजी दर्ज की गई है। पिछले  4  वर्षों के दौरान...

आजादी के 71 साल बाद केंद्र सरकार के 48 लाख कर्मचारियों को विदेश भ्रमण का मौका

केंद्र सरकार कर्मियों के लिए यह प्रसन्नता का विषय है कि आजादी के 71 साल बाद केंद्र सरकार के 48 लाख कर्मचारियों को विदेश भ्रमण का अवसर मिलने जा रहा है। मौजूदा व्यवस्था के तहत ये कर्मचारी अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) के जरिए केवल अपने देश में ही घूम-फिर सकते हैं। मैं इस विषय को दूसरे नज़रिए से भी देखता हूं। जब हम आधुनिक भारत की बात करते हैं तो उसमें केवल आधुनिक समाज ही नहीं, बल्कि उस समग्रता का बोध होता है, जहां सबका साथ, सबका विकास समाहित होता है। ऐसे विदेशी दौरे से निस्संदेह किसी का बौद्धिक विकास होता है और उसका कार्यान्वयन उसी दृष्टिकोण से होता है। खास बात है कि एलटीसी के नए नियम जो कि अगले दो-तीन माह में लागू हो जाएंगे, उनके अंतर्गत किसी भी विभाग में चपरासी से लेकर अधिकारी तक सभी विदेश भ्रमण के योग्य होंगे। इसे वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है। केवल इस पर मुहर लगना शेष है। नई नीति में फिलहाल मध्य एशिया के पांच देश उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, तजाकिस्तान, किर्गिस्तान और कजाखस्तान को शामिल किया गया है।

आइए, एक स्वस्थ लोकतंत्र बनाएं, एक स्वस्थ हिन्दुस्तान बनाएं।

ब्लॉग के इस माध्यम में आपका स्वागत है। यह हमारे लिए काफी प्रसन्नता का विषय है कि हम आपसे लगातार संवाद हेतु सोशल मीडिया के साथ ब्लॉग के इस माध्यम में से भी प्रवेश कर रहे हैं। ब्लॉग के इस माध्यम में हमारे कथन पर आप भी अपना ईमेल लॉग-इन करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। हमलोग एक ऐसे स्वस्थ हिन्दुस्तान के निर्माण में सतत प्रयत्नशील हैं, जहां लोकतंत्र की रक्षा और संरक्षा सुनिश्चित हो सके। एक व्यक्ति अपनी बात पूरे अधिकार के साथ कह सके। सरकारें आएंगी और चली जाएंगी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण हमारा लोकतंत्र है, इसके प्रति हमारी आस्था है। हम कोई भी राजनीतिक दल हों, गलत को गलत कहें, विरोध करें, लेकिन सही को निष्पक्षता के साथ सही कहें। हर विषय पर राजनीति को स्थान देना उचित नहीं है। आइए, एक स्वस्थ लोकतंत्र बनाएं, आइए, एक स्वस्थ हिन्दुस्तान बनाएं।