मुझे जानकर बहुत हर्ष हुआ कि रक्षा मंत्रालय ने देश में विकसित गाइडेड बम (निर्देशित बम) स्मार्ट एंटी एयरफिल्ड वेपन्ज (एसएएडब्ल्यू) और टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल हेलीना का राजस्थान में अलग-अलग फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण पोखरण में किया। चांदन रेंज में वायु सेना के विमान से एसएएडब्ल्यू का सफल परीक्षण होना, पूरे देश के लिए गर्व की बात है। एसएएडब्ल्यू युद्धक सामग्री से लैस था और पूरी सटीकता के साथ लक्ष्य पर निशाना साधने में यह सफल रहा। एसएएडब्ल्यू उम्दा दिशासूचक का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न जमीनी लक्ष्यों को तबाह करने में सक्षम है। यह दुनिया में अत्याधुनिक टैंक रोधी हथियारों में से एक है। इन दोनों हथियारों को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। निस्संदेह, इन सफल परीक्षणों से देश की रक्षा क्षमता को मजबूती मिलेगी। एसएएडब्ल्यू को वायुसेना के लिए विकसित किया गया है। वहीं, हेलीना भारतीय सेना के अस्त्रागार की शोभा बढ़ाएगा। देश की सुरक्षा के लिए हम ऐसे प्रयोग करते रहें, यह देश की रक्षा-क्षमता को मजबूत बनाता है। मैं देश के माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी और देश की माननीय रक्षा मंत्री आदरणीय निर्मला सीतारमण जी को इसके लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं।
आज सुबह सुबह मध्य प्रदेश की एक ऐसी खबर पर नजर गई जो कांग्रेस एवं तमाम विपक्षी दलों के झूठ और किसानों को दिए झाँसे की पोल खोल कर रख देती है... झूठ के बल पर जहां कांग्रेस ने हाल में कुछ राज्यों में सरकारें बना ली, वहीं जब सच में किसानों का कर्ज माफी की बात सामने आ रही है तो नतीजा गोलमाल और हेराफेरी सा प्रतीत हो रहा है... मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में किसान ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू होते ही 76 कृषि साख सहकारी समितियों में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। समितियों की ओर से पंचायत पर ऋणदाताओं की सूची चस्पा की तो ऐसे किसान सामने आए, जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं, लेकिन वह कर्जदार हैं। किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा व समितियों पर पहुंच कर आपित्त दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि जब बैंक से कर्ज लिया ही नहीं तो माफी कैसी? जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से किसानों को फसल के लिए ऋण साख सहकारी समितियों के माध्यम से दिया जाता है। पिछले दस साल में बिना कागजी कार्रवाई किए 120 करोड़ का फर्जी ऋण वितरण किया गया। वर्ष 2010 में ऋण वितरण घोटाला सामने आया था, लेकिन तत्कालीन भाजपा...

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