मुझे जानकर बहुत हर्ष हुआ कि रक्षा मंत्रालय ने देश में विकसित गाइडेड बम (निर्देशित बम) स्मार्ट एंटी एयरफिल्ड वेपन्ज (एसएएडब्ल्यू) और टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल हेलीना का राजस्थान में अलग-अलग फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण पोखरण में किया। चांदन रेंज में वायु सेना के विमान से एसएएडब्ल्यू का सफल परीक्षण होना, पूरे देश के लिए गर्व की बात है। एसएएडब्ल्यू युद्धक सामग्री से लैस था और पूरी सटीकता के साथ लक्ष्य पर निशाना साधने में यह सफल रहा। एसएएडब्ल्यू उम्दा दिशासूचक का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न जमीनी लक्ष्यों को तबाह करने में सक्षम है। यह दुनिया में अत्याधुनिक टैंक रोधी हथियारों में से एक है। इन दोनों हथियारों को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। निस्संदेह, इन सफल परीक्षणों से देश की रक्षा क्षमता को मजबूती मिलेगी। एसएएडब्ल्यू को वायुसेना के लिए विकसित किया गया है। वहीं, हेलीना भारतीय सेना के अस्त्रागार की शोभा बढ़ाएगा। देश की सुरक्षा के लिए हम ऐसे प्रयोग करते रहें, यह देश की रक्षा-क्षमता को मजबूत बनाता है। मैं देश के माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी और देश की माननीय रक्षा मंत्री आदरणीय निर्मला सीतारमण जी को इसके लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं।
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आ. नरेंद्र मोदी जी ने एक नारा दिया था, सबका साथ, सबका विकास... देशवासियों को इसका पर्याय एक के बाद समझ में आ गया होगा। 07 जनवरी 2019 को हिन्दुस्तान के संवैधानिक इतिहास में एक ऐसा मोड़ आया, जब आरक्षण के चल रहे मापदंडों को बिना छेड़े, सवर्णों को भी 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा मा. प्रधानमंत्री ने कर दी। मेरा मानना है कि इससे ज्यादा ‘अच्छे दिन’ का उदाहरण देने की आवश्यकता नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक के बाद एक सकारात्मक कदम इस बात का सुबूत है कि हम विकास की ओर दिन प्रतिदिन अग्रसर हो रहे...

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