मुझे जानकर बहुत हर्ष हुआ कि रक्षा मंत्रालय ने देश में विकसित गाइडेड बम (निर्देशित बम) स्मार्ट एंटी एयरफिल्ड वेपन्ज (एसएएडब्ल्यू) और टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल हेलीना का राजस्थान में अलग-अलग फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण पोखरण में किया। चांदन रेंज में वायु सेना के विमान से एसएएडब्ल्यू का सफल परीक्षण होना, पूरे देश के लिए गर्व की बात है। एसएएडब्ल्यू युद्धक सामग्री से लैस था और पूरी सटीकता के साथ लक्ष्य पर निशाना साधने में यह सफल रहा। एसएएडब्ल्यू उम्दा दिशासूचक का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न जमीनी लक्ष्यों को तबाह करने में सक्षम है। यह दुनिया में अत्याधुनिक टैंक रोधी हथियारों में से एक है। इन दोनों हथियारों को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। निस्संदेह, इन सफल परीक्षणों से देश की रक्षा क्षमता को मजबूती मिलेगी। एसएएडब्ल्यू को वायुसेना के लिए विकसित किया गया है। वहीं, हेलीना भारतीय सेना के अस्त्रागार की शोभा बढ़ाएगा। देश की सुरक्षा के लिए हम ऐसे प्रयोग करते रहें, यह देश की रक्षा-क्षमता को मजबूत बनाता है। मैं देश के माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी और देश की माननीय रक्षा मंत्री आदरणीय निर्मला सीतारमण जी को इसके लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं।
बीते दिनों भारत रेलवे की दो खबरों का सबको बेसब्री से इंतजार रहा। सबसे पहले श्री रामायण एक्सप्रेस और दूसरा नेक्सट जेनरेशन ट्रेन-18। सबसे पहले आपको श्री रामायण एक्सप्रेस के बारे में बताते हैं। दिल्ली से अयोध्या और फिर श्रीलंका तक के दर्शन की सुविधा प्रदान कर रहे इस ऐतिहासिक कदम का मैं दिल से स्वागत करता हूं। यह पैकेज 16 दिन का होगा और इस दौरान भगवान राम के जीवन से जुड़े सभी स्थलों के लोगों को दर्शन कराए जाएंगे। भारतीय परंपरा और देश की एकता और अखण्डता से रू-ब-रू कराने के लिए इस पहल की मैं जितनी प्रशंसा करूं, कम है। आपको बताते चलें कि ये ट्रेन दिल्ली से रवाना होने के बाद अयोध्या में पहला पड़ाव होगा। इसके बाद ये हनुमान गढ़ी , रामकोट और कनक भवन मंदिर जाएगी। ट्रेन रामायण सर्किट के महत्वपूर्ण स्थलों जैसे नंदीग्राम , सीतामढ़ी , जनकपुर , वाराणसी , प्रयाग , श्रृंगपुर , चित्रकूट , नासिक , हम्पी और रामेश्वरम को कवर करेगी। ट्रेन अपनी यात्रा तमिलनाडु के रामेश्वरम में 16 दिनों में पूरी करेगी। श्री रामायण एक्सप्रेस में सफर करने वाल...

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