बिहार के मुजफ्फरपुर कांड के मुद्दे पर मैं देश को यह कहना चाहता हूं कि वर्तमान बिहार सरकार की इस निष्पक्षता को
समझें कि हमारी सरकार के एक मंत्री पर आरोप लगा तो उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया, क्या पूर्ववर्ती राजद सरकार या राजद नेताओं या राजद के मंत्रियों में इतनी पारदर्शिता थी क्या ? केवल अनर्गल बयान देने से नहीं होता है, बल्कि जिम्मेदारी लेना और जांच पूरी होने तक जनता की उम्मीदरों पर खरा उतरना, यही एनडीए सरकार का मंत्र रहा है। दूसरा विषय कि आज एक समाचार पत्र ने खुद यह बात प्रकाशित किया है कि बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक बालिका गृह यौन शोषण मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर कुछ समय पहले तक कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करना चाहता था। यही नहीं, मुजफ्फरपुर से चुनाव भी लड़ना चाहता था और सबकुछ लगभग फाइनल हो गया था।
हमारे माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी ने इस विषय पर कई बार कहा है कि इसकी वजह से वह शर्मसार हैं और उनकी सरकार हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग कर रही है। माननीय मुख्यमंत्री ने कई बार कहा है कि जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन दुखद है कि इस घटना पर राजनीति हो रही है।
मैं बिहार की समस्त सम्मानित जनता से यही कहना चाहता हूं कि आप राजद समेत विपक्षी नेताओं के इन्हीं रूपों को पहचान लीजिए। ये लोग समाज को जोड़ने के बजाय, या किसी मुद्दे पर समाधान खोजने के बजाय, बस राजनीतिक रोटी सेंकना जानते हैं। ये बस जात-पात, ऊंच-नीच का खेल चलाकर सत्ता पाना चाहते हैं। इन्हें किसी माताओं या बहनों की फिक्र नहीं, तभी तो समाधान के पीछे न जाकर, बस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का घृणित खेल चला रहे हैं।

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