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किसी प्रधानमंत्री के लिए ऐसी सोच रखना देश-द्रोह के बराबर

कितना दुखद है कि मीडिया में आ रही खबरों में माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी की हत्या की साजिश का रहस्योद्घाटन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच के दौरान पुलिस द्वारा बरामद किए गए एक पत्र में नक्सलियों द्वारा पीएम मोदी की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। हकीकत तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन अगर इसमें तनिक भी सत्यता है तो वामपंथी विचारकों की ऐसी सोच देश के लिए किसी घातक मंशा से कम नहीं है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, भीमा कोरेगांव मामले की जांच के दौरान पुणे पुलिस को एक आरोपी के घर से ऐसा पत्र मिला था, जिसमें 'राजीव गांधी की हत्या' जैसी प्लानिंग का जिक्र किया गया था। पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की बात कही गई।
पत्र में कहा गया था कि मोदी 15 राज्यों में भाजपा को स्थापित करने में सफल हुए हैं। यदि ऐसा ही रहा तो सभी मोर्चों पर पार्टी के लिए दिक्कत खड़ी हो जाएगी। ... कॉमरेड किसन और कुछ अन्य सीनियर कॉमरेड्स ने मोदी राज को खत्म करने के लिए कुछ मजबूत कदम सुझाए।‘ पत्र में कहा गया, ‘हम सभी राजीव गांधी जैसे हत्याकांड पर विचार कर रहे हैं। यह आत्मघाती जैसा मालूम होता है और इसकी भी अधिक संभावनाएं हैं कि हम असफल हो जाएं, लेकिन हमें लगता है कि पार्टी हमारे प्रस्ताव पर विचार करे। उन्हें रोड शो में टारगेट करना एक असरदार रणनीति हो सकती है। हमें लगता है कि पार्टी का अस्तित्व किसी भी त्याग से ऊपर है। बाकी अगले पत्र में।'
कितना दुखद है। एक प्रधानमंत्री किसी भी पार्टी का हो, वह पहले सबसे देश का प्रधानमंत्री है। किसी प्रधानमंत्री के लिए ऐसी सोच रखना देश-द्रोह की मंशा रखने जैसा है।

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