नरेंद्र मोदी की अगवाई में भाजपा ने पहली बार 300 सीटों का आंकड़ा पार किया है। 1984 के बाद यह पहला मौका है जब किसी पार्टी को लोकसभा में 300 से अधिक सीटें मिली हैं। जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गाँधी के बाद नरेंद्र मोदी तीसरे और पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लगातार चुनावों में अपनी सत्ता बचाये रखी है। यह नतीज़े तब हैं जब मुखर धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति की धार कुंद करने के लिए विपक्ष ने पर ज़ोर लगा दिया था। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर भारत में जीत का ऐसा शानदार रिकार्ड बनाया है कि भविष्य में उसे तोड़ पाना अभी तो असंभव सा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व ने कुछ ऐसा जादू चलाया कि देश की हिंदी भाषी राज्यों में अधिकतर लोकसभा सीटों पर भगवा पताका लहरा गई। मोदी के नेतृत्व और भाजपा के संगठनात्मक प्रबंधन की रणनीति ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के मजबूत नजर आ रहे गठबंधन को तिनके की तरह हवा में उड़ा दिया। आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि भाजपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा जैसे कई राज्यों में अपने मत प्रतिशत में भी इजाफा किया है...
जो गलती को ठीक कर ले उसे मनुष्य कहते हैं…हिन्दुओं के सभी प्रमुख गुणों को मुसलमान, ईसाई और बौद्धो ने अपनाया और संसार में छा गए और हिन्दू इन्हें त्याग कर बर्बाद होने के कगार पर है ! 1. हम यज्ञोपवीत, उपनयन या जनेऊ करवाकर सात से ग्यारह वर्ष के बच्चों को गुरुकुल भेजते थे,अब बंद है |दूसरी तरफ मुसलमान और ईसाई नियम से मदरसा व् मिशन स्कूल में पहले धर्म की शिक्षा देते है | मदरसे, मिशनरी स्कूल हजारों लाखों की संख्या मे खुल गए | हिन्दूओं के बच्चे भी उसी मे शौक से जा रहे है और सेकुलरो की संख्या तेजी से बढ रही है | 2. प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी के लिए अनिवार्य गायत्री महामंत्र की त्रिकाल संध्या (सुबह, दोपहर, शाम तीनों समय जप ध्यान) समाप्त |दूसरी तरफ उनकी पाँच वक्त की नमाज और रोज की प्रेयर शुरू | 3. सप्ताह में कम से कम एक दिन, पूजा, सत्संग, संगठन के लिए मंदिर जाना बंद |दूसरी तरफ उनका जुमे के दिन नमाज मस्जिद में, और Prayer चर्च मे शुरू | 4. साधू संत गुरु जनो का आदर बंद (हिन्दू अब अपने साधू संतो का अपमान खुले आम करते है) |दूसरी तरफ उनके मौलवी, पादरी को भरपूर सम्मान मिलता है | 5. घरेलू समा...