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Showing posts from January, 2019

इस ब्लॉग को पढ़कर हर भारतीय गौरवान्वित होगा

आज किसी राजनैतिक विषय पर नहीं, बल्कि एक ऐसे विषय पर आप सभी का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं जिसे जानकर हर हिन्दुस्तानी गौरवान्वित हो उठेगा। दरअसल, पाकिस्तान में पहली बार किसी हिंदू महिला ने जज बनकर इतिहास रच दिया है। सुमन कुमारी को कम्बर-शाहदकोट के दीवानी न्यायालय में न्यायधीश नियुक्त किया गया है। पाकिस्तान में सिर्फ दो फीसदी आबादी हिंदुओं की है और इस्लाम के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है। सुमन कुमारी पाकिस्तान में दीवानी न्यायाधीश नियुक्त होने वाली पहली हिंदू महिला बन गई हैं। कम्बर-शाहदकोट निवासी सुमन अपने पैतृक जिले में ही न्यायाधीश के तौर पर सेवाएं देंगी। उन्होंने हैदराबाद से एलएलबी और कराची की सैयद जुल्फिकार अली भुट्टो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान से कानून में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है।  सुमन जी के पिताजी के वक्तव्य को मैं एक मीडिया रिपोर्ट्स में पढ़ रहा कि सुमन जी कम्बर-शाहददकोट जिले के गरीबों को मुफ्त कानून सहायता मुहैया कराना चाहती हैं। उनके पिताजी कहते हैं कि सुमन ने एक चुनौतीपूर्ण पेशा चुना है, लेकिन मुझे विश्वास है कि वह कड़ी मेहनत और ईमानदारी से ऊंचा मुकाम ...

कांग्रेस एक परिवार की पार्टी

याद कीजिए, कभी कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर नामों की चर्चा उठी हो और किसी ने यह हिम्मत की हो कि कांग्रेस परिवार से बाहर किसी एक नेता का नाम ले लें... असल में कांग्रेस एक परिवार की पार्टी है... जब भी इसमें अध्यक्ष की बात होती है, या तो सोनिया गांधी जी अध्यक्ष होंगी, या तो राहुल गांधी जी अध्यक्ष होंगे... ऐसा नहीं है कि कांग्रेस में अभी महासचिव नहीं है, लेकिन प्रियंका गांधी जी के कांग्रेस में सक्रिय तौर पर शामिल किए जाने के बाद ही ऐसा माहौल क्यों खड़ा किया जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस एक परिवार की पार्टी है... कांग्रेस में लोग तभी सक्रिय कहे जाते हैं, जब वह इस परिवार की चाटुकारिता करते हैं... इस परिवार की वाहवाही करते हैं... कांग्रेस सरकार आज तक 70 साल तक गरीबी हटाने के नारे लेकर चली। आज भी कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण सुनिए, गरीबी का जिक्र वह जरूर करेंगे। इस मंच से मैं पूछना चाहता हूं कि राहुल बाबा की चार पीढ़ी तक शासन किया, 55 साल तक शासन किया। आज भी हमें गरीबी दूर करनी पड़ती है तो आपकी चार पीढ़ियों ने क्या किया, इसका हिसाब जरा देश की जनता को दीजिए। जवाहर लालजी प्रधानमंत्री बने,...
आज पूरा देश 70वा गणतंत्र दिवस मना रहा है... दुनिया के सबसे बड़े हमारे लोकतांत्रिक देश के लिए यह उत्सव का दिन है... यह दिन हमें हमारे देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को याद दिलाता है...   तो वहीं महान पुरुषों के देश के प्रति त्याग और बलिदान से हमें सीख लेने की प्रेरणा देता है... इस अवसर पर हमें देश के विकास में अमित योगदान देने वाले विकास पुरुषों को भी याद करना चाहिए... मेरा मानना है कि ये दिन कोई राजनीतिक बात ना हो, लेकिन निष्पक्षता के साथ ऐसे व्यक्ति के सराहनीय कदमों की  सराहना जरूर हो, जिन्होंने देश को विकास की किरण दिखाई और जिन्होंने अंधकार से प्रकाश की तरफ देश को ले जाने का काम किया... हम आज ही नहीं बल्कि आने वाले सदियों सदियों की बात करते हैं... जब भी हिंदुस्तान के विकास में किसी नेता का नाम लिया जाएगा, कई महान हस्तियों के साथ मौजूदा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र भाई मोदी जी का नाम सम्मान के साथ लिया जाएगा... माननीय प्रधानमंत्री जी ने हाल में बीते साढे 4 वर्षों में जितनी योजनाएं शुरू की है और हिंदुस्तान के हर वर्ग के लो...

मेरा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है

मुझे ये बताते हुए बहुत प्रसन्नता हो रहा है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ने गरीब बुजुर्ग ,   दिव्यांग और विधवा महिलाओं की मासिक पेंशन को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इन लोगों की मासिक पेंशन को  200  रुपए से बढ़ाकर  800  रुपए तक किए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही जिन बुजुर्ग लोगों की आयु  80  वर्ष से अधिक है उनकी पेंशन को  500  रुपए से बढ़ाकर  1200  रुपए तक किए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। मंत्रालय की ओर से प्रस्ताव सरकार को दे दिया गया है ,  ऐसे में अगर इस प्रस्ताव को लागू किया जाता है तो सरकार पर  18000  करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। माना जा रहा है कि  1  फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में केंद्र सरकार इसे शामिल कर सकती है। इस योजना में अतिरिक्त लोगों को शामिल किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। राज्य सरकारों से भी इसे लेकर चर्चा की जा रही है जिससे कि केंद्र के अलावा राज्यों में भी लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि पेंशन को  800  रुपए से बढ़ाकर...

ईवीएम पर कांग्रेस की मंशा ठीक नहीं

ईवीएम का फिलहाल छिड़ा संग्राम आयोजन कांग्रेस प्रायोजित लग रहा है. मेरा दावा है कि हैकर द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और इनका कोई सबूत भी नहीं है. मैंने भी कभी आशीष रे का नाम नहीं सुना. जो इनवाइट भेजा गया था, उसमें लिखा था कि हैकर सभी के सामने ईवीएम हैक करके दिखाएंगे, लेकिन जब कार्यक्रम शुरू हुआ तो वह मुंह पर कपड़ा ढक कर बैठे रहे और कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 2019 चुनाव हारने के बहाने ढूंढने में लग गए हैं. हैकर इस तरह के आरोप लगाकर भारत के लोकतंत्र को बदनाम कर रहे हैं. इन आरोपों में दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे को लाया गया, क्योंकि वह जवाब देने के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे. AIIMS के डॉक्टर ने भी पुष्टि की है कि उनकी मौत एक्सिडेंट के कारण हुई थी. दूसरा वो दावा कर रहे हैं कि सभी चुनाव गड़बड़ हैं लेकिन मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव सही है. हैकर ने सिर्फ आरोप लगाए पर कोई सबूत नहीं दिया. ना ही किसी सवाल का जवाब दिया. मेरा सवाल है कि कपिल सिब्बल आखिर वहां क्या कर रहे थे, क्या वो कांग्रेस की ओर से मॉनिटिरिंग करने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि कपिल सिब्बल पहले भी...

विपक्षी दल हताश, परेशान

हाल में कोलकाता में ममता बनर्जी द्वारा आयोजित रैली में सारे विपक्षी दल एकजुट हुए... एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें शरद यादव जी यह कहते सुने गए कि बोफोर्स मामले में खूब लूटपाट हुई... खूब मनमानी हुई... देश के हजारों युवाओं ने उस वीडियो को शेयर किया और उसका कैप्शन दिया गया कि सच जुबान पर आ ही जाता है... मैं इस बात से पूरी तरह इत्तेफाक रखता हूं और कहना चाहता हूं कि ये विपक्षी दल वही लोग हैं जो एक विकासशील व्यक्ति से परेशान हैं... इसलिए परेशान हैं क्योंकि वह बोफोर्स जैसे घोटाले को फिर से कार्यान्वित नहीं कर सकते... कोई लूट खसोट नहीं कर सकता... कर्नाटक में जिस तरह कांग्रेस विधायक का हाल में आपस में मारपीट का प्रकरण सामने आया है... एक दूसरे के सिर पर बोतल फेंक कर मारी और वह अस्पताल में भर्ती हो गए... वहीं मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार में मंत्री गोविंद सिंह जी ने यह कह दिया की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हथियार बनाने की ट्रेनिंग देता है... यह बताता है कि किस तरह विपक्षी दल हताश, परेशान और निराश हो चुके हैं और निराशावश आपस में ही उल-जलूल बातें  कर रहे हैं... एक-दूसरे को कुछ से कुछ बोल देना......

किसानों पर कांग्रेस का छलावा अब उजागर

आज सुबह सुबह मध्य प्रदेश की एक ऐसी खबर पर नजर गई जो कांग्रेस एवं तमाम विपक्षी दलों के झूठ और किसानों को दिए झाँसे की पोल खोल कर रख देती है... झूठ के बल पर जहां कांग्रेस ने हाल में कुछ राज्यों में सरकारें बना ली, वहीं जब सच में किसानों का कर्ज माफी की बात सामने आ रही है तो नतीजा गोलमाल और हेराफेरी सा प्रतीत हो रहा है... मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में किसान ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू होते ही 76 कृषि साख सहकारी समितियों में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। समितियों की ओर से पंचायत पर ऋणदाताओं की सूची चस्पा की तो ऐसे किसान सामने आए, जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं, लेकिन वह कर्जदार हैं। किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा व समितियों पर पहुंच कर आपित्त दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि जब बैंक से कर्ज लिया ही नहीं तो माफी कैसी? जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से किसानों को फसल के लिए ऋण साख सहकारी समितियों के माध्यम से दिया जाता है। पिछले दस साल में बिना कागजी कार्रवाई किए 120 करोड़ का फर्जी ऋण वितरण किया गया। वर्ष 2010 में ऋण वितरण घोटाला सामने आया था, लेकिन तत्कालीन भाजपा...

जनता को कर्नाटक में कांग्रेस का नाटक समझ में आने लगा है

आज सुबह-सुबह कर्नाटक में सियासी घमासान की खबरों को न्यूज़ चैनलों के माध्यम से देखा... शुरू से कांग्रेस जोड़-तोड़ की राजनीति में विश्वास करती है... एक तो कांग्रेस भाजपा के विधायकों को तोड़ने की जुगत में है... लगातार रणनीतियां तैयार कर रही है... तो वहीं दूसरी ओर उल्टे वह भाजपा पर ऐसे अनर्गल आरोप लगाती रही है... भाजपा के सभी 104 विधायक अभी भी एकजुट हैं, लेकिन कांग्रेस को अपने गिरेबां में देखना चाहिए कि आपकी ऐसी क्या कमी रही कि  आपसे आपके विधायक भी नहीं संभाले जा रहे हैं... अच्छा तो यह होता कि जब आप अपनी नीतियों को खुद झांकते... आपसे पार्टी तो संभल नहीं रही, उल्टे भाजपा पर अपनी असफलता का ठीकरा फोड़ना चाह रहे हैं... हकीकत पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए खरीद फरोख्त की शुरुआत की... एक दो दिनों तक दिल्ली में रुक कर कुमारस्वामी जी ने विधायकों के से संपर्क साधने की कोशिश की... हालांकि भाजपा पर इसका असर इसलिए नहीं होगा, क्योंकि भाजपा विचार और सिद्धांतों पर आधारित पार्टी है... कांग्रेस की तरह केवल कुर्सी को लेकर हमारे यहां राजनीति नहीं होती.....

केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की वापसी 2019 में तय है

आज की ताज़ा हालत देखें तो २०१९ में पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करने जा रहे हैं , क्योंकि पूरे कार्यकाल में काम तो बहुत ज़्यादा हुआ है। सिर्फ़ एक काम बाक़ी है जो गेम चेंजर की तरह काम करेगा।अकेले पूरे देश में ५० सीट तो उसी से बढ़ने वाली है।बस वह अगले महीनों में मुक़ाम तक पहुँच जाए, तो नामदार बनाम कामदार की लड़ाई निर्णायक मुक़ाम तक पहुँच जाएगी। अब काम के अतिरिक्त जो चुनावी राजनीति के प्रमुख तत्व व कारक हैं उनको साधकर अपना लक्ष्य पाने के काम में तो अपने अध्यक्ष जी बेजोड़ अद्भुत और नीतिज्ञ हैं ही-तो यह हमारी अलग ताक़त है। इसलिए मेरा यह साफ़ तौर पर मानना है जोकि ज़मीन पर दिख भी रहा है वह यह कि इस बार हमारी असल लड़ाई मुख्य शहरों  इलाक़ों में ही नही ग्रामीण दूर दराज़ के इलाक़ों पूर्वोत्तर पश्चिमोत्तर और दक्षिण में होने जा रही है। जहां तक बात है तो  विरोधियों का फ़ोकस उत्तर भारत पर है ज़हाँ हम हमेशा मज़बूत रहे हैं आज भी हैं ।हमारा फ़ोकस पुरे देश पर है और पुरे समाज व नागरिकों पर है। पहली बार हमारे साथ देश के हर कोने का वोटर खड़ा है।पहली बार हमारे साथ हर समुदाय का वोटर खड़ा है...

आपका हिसाब पब्लिक करेगी...

हाल में पिछले 1 हफ्ते के अंदर देश की राजनीति ने जिस तरह करवट ली है, उससे यह समझ में आने लगा है कि जब भी कोई विकास पुरुष इस देश को विकासशील बनाने की पहल करेगा, तमाम सत्ता-लोभी शक्तियां, उसे नीचा दिखाने के लिए हरसंभव लगी रहेंगी... सवाल सिद्धांतों का है जो तमाम विपक्षी दल खोते जा रहे हैं... उत्तर प्रदेश में जिसने कई वर्षों तक शासन किया, वह आज यह कह रहे हैं कि हमारे बर्थडे पर आप हमें अगले चुनाव में जीत का तोहफा दीजिए... सवाल है कि क्या आपको अपने कर्म पर भरोसा नहीं रहा... जनता ने जब आपको मौका दिया था, आप उस मुताबिक कर्म करते... विश्वास जीतते... आज आपको है खैरात में और गिफ्ट में जीत मांगने की जरूरत नहीं पड़ती... आज तमाम विपक्षी दल देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को हराने के लिए किसी भी स्थिति में जाने को तैयार हैं... वह किसी से भी हाथ मिलाने को तैयार हैं... लेकिन जनता सब समझती है... यह वही लोग हैं, जो जनता के सामने समय-समय पर अलग-अलग मुखौटा पहन के जाते रहते हैं... जनता को उल्लू बनाकर सीटें जीते हैं और फिर बंद कमरे में सरकार बनाने का फार्मूला सेट करते हैं... फिर से म...

व्यापारियों में खुशी की लहर

मैं हाल में कई व्यापारियों से मिला... मुझे अपना अनुभव बताते हुए बहुत अच्छा महसूस हो रहा है कि मा. प्रधानमंत्री जी के निर्देशानुसार,   GST Council   ने  GST   से छूट की सीमा को जो दोगुना कर 40 लाख रुपये कर दिया है, उससे व्यापारियों में खुशी की लहर है। इस फैसले से अब 1.5 रुपये तक का कारोबार करने वाली इकाइयां 1% की दर से  GST   भुगतान की कम्पोजिशन योजना का लाभ उठा सकेंगी। पहले 1 करोड़ रुपये तक के कारोबार पर यह सुविधा प्राप्त थी। उद्योग मंडल  CII   के अनुसार ,   जीएसटी काउंसिल की इस पहल से पंजीकृत 1.17 करोड़ कारोबारियों में से करीब 70 प्रतिशत का फायदा होगा। माननीय प्रधानमंत्री जी के निर्देश पर लघु या मध्यम उद्योग लगाने की सोच रहे लोगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने पीएसबी लोन इन 59 मिनट की शुरूआत की। आवेदक को बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें और महज ऑनलाइन आवेदन के 59 मिनट में लोन होने की सुविधा दी गई। व्यापार बढ़ाने की इच्छा रखने वाले लघु एवं मध्यम उद्यमियों को दिया जाता है। मैं इस ब्लॉग से माध्यम से देश को यह बताना चाहता हू...

गठबंधन नहीं, "ठगबंधन"

आज हर समाचार पत्र में  सपा- बसपा के गठबंधन की खबर है... मेरा मानना है यह गठबंधन नहीं ''ठगबंधन'' है...  लेकिन इन सबके बीच  यही कहना चाहता हूँ कि वर्ष 2019 का चुनावी युद्ध सदियों तक असर छोड़ने वाला है और ये चुनाव वैचारिक युद्ध का चुनाव है। दो विचारधाराएं आमने-सामने खड़ी हैं। आगामी चुनाव भारत के गरीब के लिए बहुत मायने रखता है। स्टार्टअप को लेकर निकले युवाओं के लिए ये चुनाव मायने रखता है। करोड़ों भारतीयों, जो दुनिया में भारत का गौरव देखना चाहते हैं, के लिए ये चुनाव मायने रखता है। एक-दूसरे का मुंह न देखने वाले आज हार के डर से एक साथ आ गए हैं, वो जानते हैं कि अकेले नरेंद्र मोदी जी को हराना मुमकिन नहीं है। 2014 के चुनाव में हम इन दलों को पराजित कर चुके हैं और आगे भी इन्हें पराजित करेंगे। भाजपा गरीबों के कल्याण और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ा रही है, जबकि विपक्षी दल केवल सत्ता के लिए साथ आ रहे हैं। 5 साल के अंदर भाजपा का गौरव ‘दिन दुनी’ गति से बढ़ा है। भाजपा का नयी दिल्ली में चल रहे अधिवेशन पर मेरा कहना है कि ये भारतीय जनता पार्टी के देशभर में फैले कार्यकर्ताओं के लि...

सवर्ण आरक्षण बिल

वर्तमान सरकार का यह कदम कि आर्थिक रूप से पिछड़े किसी भी वर्ग, जाति या समुदाय के लोगों का आरक्षण संविधान के वर्तमान 50% की उच्चतम सीमा के ऊपर 10% का हो, एक क्रांतिकारी कदम है। यह तो निश्चित है कि इस प्रस्ताव द्वारा समाज को जाति या समुदाय के आधार पर बांटा तो नहीं जा रहा है। जो लोग आर्थिक रूप से पिछड़े नहीं हैं, जैसा कि प्रस्तावित आरक्षण बिल में ज्ञात होता है, उन्हें आरक्षण की इतनी आवश्यकता नहीं है। दूसरी तरफ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ी जाति के अलावा सवर्ण जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोग भी कुछ सीमा तक आरक्षण के पात्र होंगे, यह एक अच्छी नीति साबित होगी, यदि आरक्षण से देश को छुटकारा नहीं मिलता है। यह प्रस्ताव दूसरी बड़ी पार्टियों को किन्तु- परंतु  के बावजूद निर्विरोध स्वीकार्य है, क्योंकि अधिकतर पार्टियों का मत है कि चुनावी वर्ष में यह प्रस्ताव राजनीति से प्रेरित है। इस विषय में यह कहना उचित होगा कि हाल ही में देश के विभिन्न क्षेत्रों से सवर्ण आरक्षण का मुद्दा जोर पकड़ रहा था। अतः यह एक अच्छा कदम है क्योंकि इसमें जरूरतमंद लोगों के लिए आरक्षण है, फिर चाहे वह कि...

हमें गर्व होना चाहिए अपने मा. प्रधानमंत्री जी पर

मुझे यह जानकर काफी प्रसन्नता हुई कि कंपनियों को रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से शुरू की गई प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना ( PMRPY)   से 98 लाख से अधिक कर्मचारियों और 1.21 लाख कारोबारी प्रतिष्ठानों को फायदा हुआ है। इस योजना के तहत नए कर्मचारियों के लिए तीन वर्ष तक सरकार ईपीएफ और ईपीएस से संबंधित नियोक्ता के हिस्से का पूरा अंशदान कर रही है। इस योजना के तहत 15,000 रुपये प्रति माह पाने वाले कर्मचारियों को लक्षित किया गया है। 9 अगस्त 2016 से आरंभ हुई इस योजना से 31 दिसंबर ,   2018 तक 98.38 लाख कर्मचारियों और 1.21 लाख कारोबारी प्रतिष्ठानों को फायदा हुआ। इतना ही नहीं, मौजूदा केंद्र सरकार ने प्रत्येक व्यक्ति को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने को जनधन योजना शुरू की। गरीब और कम आय वर्ग के व्यक्तियों के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना की शुरुआत की। यह 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग को दो लाख बीमा कवरेज देता है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जिसमें 12 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर गरीब और निम्न आय वाले वर्ग को सुरक्षा मिलती है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत उद्यमियों क...

आदरणीय प्रधानमंत्री जी के फैसले का स्वागत

                                                                                                                                    देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आ. नरेंद्र मोदी जी ने एक नारा दिया था, सबका साथ, सबका विकास... देशवासियों को इसका पर्याय एक के बाद समझ में आ गया होगा। 07 जनवरी 2019 को हिन्दुस्तान के संवैधानिक इतिहास में एक ऐसा मोड़ आया, जब आरक्षण के चल रहे मापदंडों को बिना छेड़े, सवर्णों को भी 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा मा. प्रधानमंत्री ने कर दी। मेरा मानना है कि इससे ज्यादा ‘अच्छे दिन’ का उदाहरण देने की आवश्यकता नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक के बाद एक सकारात्मक कदम इस बात का सुबूत है कि हम विकास की ओर दिन प्रतिदिन अग्रसर हो रहे...

विपक्ष में हैं तो विपक्ष की भूमिका भी तो समझिए, कुछ भी बोल देंगे ?

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) HAL को एक लाख करोड़ रुपये का सरकारी ऑर्डर देने के मामले में   मा. रक्षा मंत्री आ. निर्मला सीतारमण जी पर संसद में जो झूठ बोलने का आरोप लगाया, ठीक इसके बाद एचएएल ने आगे आकर इस झूठ की हवा निकाल दी है। कह दिया है कि हमारी वित्‍तयी हालत में सुधार हो रहा है। एनएएल ने कहा कि 15 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों और 83 हल्के लड़ाकू विमानों का ऑर्डर अपने अंतिम चरण में है। बहुत जल्‍द इन विमानों को सेना को सौंप दिया जाएगा। इन विमानों से एचएएल की वित्तीय स्थिति में सुधार की पूरी संभावनाएं हैं। एचएएल ने यह भी कहा कि उसने अपनी मौजूदा जरूरतें पूरी करने के लिए 962 करोड़ रुपए का ओवरड्राफ्ट (बैंक से धनराशि लेना) लिया था। एचएएल ने ट्वीट कर बताया कि HAL को लेकर मीडिया में आ रही अलग-अलग खबरों को देखने के बाद ,  हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि एचएएल ने 962 करोड़ रुपए का ओवरड्राफ्ट लिया है। मार्च तक अनुमानित संग्रह से नगद की स्थिति में सुधार हो सकता है। एलसीए मैक1ए (83) और एलसीएच (15) अंतिम चरण में हैं। एचएएल का ट्वीट ऐसे समय मे...

कांग्रेस ने किसानों को सब दिन वोट बैंक समझा

आजकल एक विषय पर बहुत चिंतन करता हूं कि हाल में कुछ राज्यों पर कांग्रेस की जीत के बाद जिस तरह से किसानों का कर्ज माफ करने की वहां हवा- हवाई बनाकर मार्केटिंग की जा रही है, उस पर जनता को असली बात पता होनी चाहिये... एक तो सबसे पहले कांग्रेस जिस दावे को परोस रही है, उसकी हकीकत नियम व शर्त कुछ और है, जो किसानों को सीधे लाभ नहीं पहुंचाती... दूसरा एक सबसे बड़ा सत्य है कि कांग्रेस के लिए किसान सिर्फ वोट बैंक हैं और हमारे लिए किसान अन्नदाता हैं.. यही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में सबसे बड़ा अंतर है.. आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी की सरकार ने पांच साल से कम समय में 1 करोड़ 25 लाख घर बनाकर लोगों को दे दिया है. पहले की योजनाएं जो नामों के आधार पर चली वो आज जमीन पर दिखाई नहीं पड़ती हैं, हमारी सरकार नाम के झगड़ों में न पड़कर काम करने पर विश्वास करती है. आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कोई नरेंद्र मोदी आवास योजना नहीं बनाई, न ही नमो आवास योजना बनाई और न ही कोई किसी राज्य के मुख्यमंत्री के नाम से बनाई, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की, ताकि अगला प्रधानमंत्री ...

हम वोट बैंक के लिए नहीं, देश हित के लिए काम करते हैं

राम मंदिर के मसले पर जिस तरह पूरे देश में चर्चाएं हो रही हैं, उस विषय पर मैं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र भाई मोदी जी की सुहृदय तारीफ करता हूं, क्योंकि वह एक ऐसे प्रधानमंत्री साबित हुए, जो कभी वोट बैंक के लिए फैसले नहीं लेते... हाल में एएनआई को दिए इंटरव्यू में जिस तरह उन्होंने इस पर कोई अध्यादेश ना लाने की बात कही और खुलकर कहा कि मा. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा... इससे माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रति मेरा स्नेह और अधिक बढ़ गया क्योंकि शायद उनकी जगह कोई दूसरा देश का प्रधानमंत्री होता तो चुनावी माहौल पर आधारित बातें करता, लेकिन एक ऐसा प्रधानमंत्री जिन्हें मा. कोर्ट पर गहरा विश्वास है और वह चुनावी बातें नहीं करते... सच में देश के प्रति सोचते हैं... दूसरा विषय आज मैं  महागठबंधन की नीतियों पर उठाना चाहता हूं... महागठबंधन किस लिए तो केवल 2019 में आदरणीय मोदी जी की सरकार न आए इसलिए और इसके लिए विपक्षी दल किसी भी स्थिति पर जाने के लिए तैयार हैं... उत्तर प्रदेश में इसी छटपटाहट का नतीजा है कि दूसरे मोर्चे से काम ना चला तो तीसरा मोर्चा...

प्रधानमंत्री जी का बीते 1 जनवरी को निष्पक्षता के साथ संबोधन के लिए हृदय से साधुवाद

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र भाई मोदी जी ने बीते 1 जनवरी 2019 को जिस तरह देश के सामने खुलकर कई विषयों पर बातचीत की, उसके लिए मैं उनका हृदय से अभिनंदन करता हूं... सबसे पहली बात जो मैं कहना चाहता हूं कि बीते वक्त में सर्जिकल स्ट्राइक पर जहां विपक्ष की ओर से लगातार झूठ फैलाया जा रहा था, वहीं माननीय प्रधानमंत्री जी ने सर्जिकल स्ट्राइक के जिस आंखों देेखा हाल देशवासियोंं के सामने प्रस्तुत किया, उसने तमाम देशवासियों समेत सेना का मनोबल गर्व से ऊंचा कर दिया... पहली बार अब ऐसा होगा कि कोई भी सेना किसी मिशन में यह सोच कर निश्चिंत रहेगी कि मेरे पीछे देश का एक ऐसा प्रधानमंत्री है जो पल-पल की खबर रख रहा है... दूसरा विषय में राफेल मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी द्वारा दिए गए वक्तव्य पर उठाना चाहता हूं... मैं कहना चाहता हूं कि आप देश की प्रतिष्ठा के भी बारे में सोचिए... आप एक ऐसे विषय को उठा रहे हैं, जिससे पहले भी फ्रांस स्पष्टीकरण दे चुका है... आपके बार बार ऐसे कृत्य से देश की प्रतिष्ठा धुमिल हो सकती है... आप सरकार को घेरने के चक्कर में कई बार यह भूल जाते हैं कि ...