राम मंदिर के मसले पर जिस तरह पूरे देश में चर्चाएं हो रही हैं, उस विषय पर मैं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र भाई मोदी जी की सुहृदय तारीफ करता हूं, क्योंकि वह एक ऐसे प्रधानमंत्री साबित हुए, जो कभी वोट बैंक के लिए फैसले नहीं लेते... हाल में एएनआई को दिए इंटरव्यू में जिस तरह उन्होंने इस पर कोई अध्यादेश ना लाने की बात कही और खुलकर कहा कि मा. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा... इससे माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रति मेरा स्नेह और अधिक बढ़ गया क्योंकि शायद उनकी जगह कोई दूसरा देश का प्रधानमंत्री होता तो चुनावी माहौल पर आधारित बातें करता, लेकिन एक ऐसा प्रधानमंत्री जिन्हें मा. कोर्ट पर गहरा विश्वास है और वह चुनावी बातें नहीं करते... सच में देश के प्रति सोचते हैं...
दूसरा विषय आज मैं महागठबंधन की नीतियों पर उठाना चाहता हूं... महागठबंधन किस लिए तो केवल 2019 में आदरणीय मोदी जी की सरकार न आए इसलिए और इसके लिए विपक्षी दल किसी भी स्थिति पर जाने के लिए तैयार हैं... उत्तर प्रदेश में इसी छटपटाहट का नतीजा है कि दूसरे मोर्चे से काम ना चला तो तीसरा मोर्चा बनने की खबर आ पड़ी है... उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस से गठबंधन को लेकर कोई सक्रियता नहीं दिखाई है, दूसरी ओर कांग्रेस ने अपनी नई तैयारियां शुरू कर दी हैं... कांग्रेस शिवपाल यादव जी की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना तलाशने में जुट गई है... शिवपाल यादव जी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के गठन के बाद से ही लगातार कांग्रेस के साथ जाने को लेकर मन बना रहे हैं... इसके मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान को अपना संदेश भेज रहे हैं...
लेकिन इन सबसे अलग मुझे मा. प्रधानमंत्री जी के वक्तव्य पर पूरा भरोसा है, जिन्होंने कहा कि 2019 का लोकसभा चुनाव जनता और महागठबंधन के बीच होगा... जनता महागठबंधन को इस बार करारा जवाब देगी... जनता जानती है कि ये वही लोग हैं जो कभी कुर्सी के लिए एक दूसरे को गाली देने लगते हैं, तो कभी कुर्सी के लिए एक दूसरे की बाहों में बाहें थाम लेते हैं... फिर मैं वही कहूंगा यह पब्लिक है सब जानती है...

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