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ईवीएम पर कांग्रेस की मंशा ठीक नहीं


ईवीएम का फिलहाल छिड़ा संग्राम आयोजन कांग्रेस प्रायोजित लग रहा है. मेरा दावा है कि हैकर द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और इनका कोई सबूत भी नहीं है. मैंने भी कभी आशीष रे का नाम नहीं सुना. जो इनवाइट भेजा गया था, उसमें लिखा था कि हैकर सभी के सामने ईवीएम हैक करके दिखाएंगे, लेकिन जब कार्यक्रम शुरू हुआ तो वह मुंह पर कपड़ा ढक कर बैठे रहे और कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 2019 चुनाव हारने के बहाने ढूंढने में लग गए हैं. हैकर इस तरह के आरोप लगाकर भारत के लोकतंत्र को बदनाम कर रहे हैं. इन आरोपों में दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे को लाया गया, क्योंकि वह जवाब देने के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे. AIIMS के डॉक्टर ने भी पुष्टि की है कि उनकी मौत एक्सिडेंट के कारण हुई थी.

दूसरा वो दावा कर रहे हैं कि सभी चुनाव गड़बड़ हैं लेकिन मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव सही है. हैकर ने सिर्फ आरोप लगाए पर कोई सबूत नहीं दिया. ना ही किसी सवाल का जवाब दिया. मेरा सवाल है कि कपिल सिब्बल आखिर वहां क्या कर रहे थे, क्या वो कांग्रेस की ओर से मॉनिटिरिंग करने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि कपिल सिब्बल पहले भी राम जन्मभूमि, सुप्रीम कोर्ट के जज के खिलाफ महाभियोग जैसे मामलों में अगुवाई कर चुके हैं. इस आयोजन से 2014 के जनमत का अपमान किया जा रहा है. तब तो यूपीए सरकार सत्ता में थी, तो हम कैसे ईवीएम हैक करवा सकते थे. उन्होंने सवाल दागा कि क्या ये कांग्रेस का कैम्ब्रिज एनालिटिका पार्ट-2 है. उन्होंने कहा कि ईवीएम तो 20 साल से काम कर रहा है, यूपी में मायावती जीतीं, अखिलेश जीते और अब कांग्रेस जीती तो ईवीएम ठीक है.

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