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प्रधानमंत्री जी का बीते 1 जनवरी को निष्पक्षता के साथ संबोधन के लिए हृदय से साधुवाद


देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र भाई मोदी जी ने बीते 1 जनवरी 2019 को जिस तरह देश के सामने खुलकर कई विषयों पर बातचीत की, उसके लिए मैं उनका हृदय से अभिनंदन करता हूं... सबसे पहली बात जो मैं कहना चाहता हूं कि बीते वक्त में सर्जिकल स्ट्राइक पर जहां विपक्ष की ओर से लगातार झूठ फैलाया जा रहा था, वहीं माननीय प्रधानमंत्री जी ने सर्जिकल स्ट्राइक के जिस आंखों देेखा हाल देशवासियोंं के सामने प्रस्तुत किया, उसने तमाम देशवासियों समेत सेना का मनोबल गर्व से ऊंचा कर दिया... पहली बार अब ऐसा होगा कि कोई भी सेना किसी मिशन में यह सोच कर निश्चिंत रहेगी कि मेरे पीछे देश का एक ऐसा प्रधानमंत्री है जो पल-पल की खबर रख रहा है...
दूसरा विषय में राफेल मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी द्वारा दिए गए वक्तव्य पर उठाना चाहता हूं... मैं कहना चाहता हूं कि आप देश की प्रतिष्ठा के भी बारे में सोचिए... आप एक ऐसे विषय को उठा रहे हैं, जिससे पहले भी फ्रांस स्पष्टीकरण दे चुका है... आपके बार बार ऐसे कृत्य से देश की प्रतिष्ठा धुमिल हो सकती है... आप सरकार को घेरने के चक्कर में कई बार यह भूल जाते हैं कि देश हम सभी का है...
तीसरा विषय मध्य प्रदेश से चिंतित कर देने वाला है, जहां पर मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने वंदे मातरम के गायन पर रोक लगा दी है... मेरा तो यह कहना है क्या कर कांग्रेस को हर राष्ट्रगीत के शब्द नहीं आते या राष्ट्रगीत के गायन में शर्म आती है तो उसे जनता पर न थोपे...

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किसानों पर कांग्रेस का छलावा अब उजागर

आज सुबह सुबह मध्य प्रदेश की एक ऐसी खबर पर नजर गई जो कांग्रेस एवं तमाम विपक्षी दलों के झूठ और किसानों को दिए झाँसे की पोल खोल कर रख देती है... झूठ के बल पर जहां कांग्रेस ने हाल में कुछ राज्यों में सरकारें बना ली, वहीं जब सच में किसानों का कर्ज माफी की बात सामने आ रही है तो नतीजा गोलमाल और हेराफेरी सा प्रतीत हो रहा है... मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में किसान ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू होते ही 76 कृषि साख सहकारी समितियों में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। समितियों की ओर से पंचायत पर ऋणदाताओं की सूची चस्पा की तो ऐसे किसान सामने आए, जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं, लेकिन वह कर्जदार हैं। किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा व समितियों पर पहुंच कर आपित्त दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि जब बैंक से कर्ज लिया ही नहीं तो माफी कैसी? जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से किसानों को फसल के लिए ऋण साख सहकारी समितियों के माध्यम से दिया जाता है। पिछले दस साल में बिना कागजी कार्रवाई किए 120 करोड़ का फर्जी ऋण वितरण किया गया। वर्ष 2010 में ऋण वितरण घोटाला सामने आया था, लेकिन तत्कालीन भाजपा...

डॉ. मनमोहन सिंह जी, आपकी योग्यता का उपयोग ही नहीं हुआ

हाल में देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आलोचनात्मक लहजे में कहा कि वह सिर्फ भारत के एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ही नहीं, थे, बल्कि देश के एक्सीडेंटल वित्त मंत्री भी थे। पूर्व प्रधानमंत्री का ये बयान आलोचनात्मक और व्यंग्यात्मक राजनीति भरा है, मुझे पता है। लेकिन मुझे इस पर कहना है कि डॉ. मनमोहन सिंह साहब, आप बहुत प्रतिभावान हैं, अनुभवी भी हैं, एक्सीडेंटल वित्त मंत्री नहीं, बल्कि आप अर्थशास्त्र की बहुत अच्छी जानकारी रखते हैं, लेकिन हकीकत तो ये है कि आपकी प्रतिभा को कांग्रेस नेतृत्व ने कभी इस्तेमाल ही नहीं होने दिया। आपको मुखौटा बनाकर सारे फैसले किसी और ने लिए... आपको केवल एक साइनिंग अथॉरिटी बनाकर रखा गया। दूसरा विषय कि पूर्व प्रधानमंत्री ये कहते हैं कि वह हर विदेशी यात्रा के बाद मीडिया से मुखातिब होते थे जबकि मोदी जी ऐसा नहीं करते। इस पर मैं कहूंगा कि आप मौजूदा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रिकॉर्ड को अच्छे से ज़रा देखिए, वह हिन्दुस्तान ही नहीं बल्कि विदेशी मीडिया तक से रू-ब-रू होते हैं। लाइव बातें करते हैं... उस दौरान मीडिया क्या, सीधे पब्लिक उनसे सवाल-जवाब कर सकते हैं...

राहुल जी, अब आपको देश के सामने सिर झुकाकर माफी मांगनी चाहिए

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