Skip to main content

वर्ष 2022 तक हर व्यक्ति के घर का सपना होगा पूरा

प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत सरकार ने 2022 तक देश में हर नागरिक के सिर पर अपनी छत का सपना संजोया है। शहरी और ग्रामीण दो अलग अलग वर्गों में शुरू की गई इस योजना के तहत राज्यों को विभिन्न आवास योजनाओं में धन मुहैया कराया जा रहा है। आवास योजना में बेहद कम दर पर कर्ज भी दिए जा रहे हैं। योजना धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 नवम्बर, 2016 को आगरा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का शुभारंभ किया था। 2022 तक सबके लिए आवास’ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पीएमएवाई-जी के अंतर्गत 31 मार्च, 2019 तक एक करोड़ तथा 2022 तक 2.95 करोड़ पक्के आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से 51 लाख घरों का निर्माण 31 मार्च, 2018 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अंतर्गत आईएवाई के तहत बनने वाले 2 लाख निर्माणाधीन आवास भी शामिल हैं। ग्रामीण आवास योजना के प्रदर्शन में तेजी दर्ज की गई है। पिछले 4 वर्षों के दौरान 4 गुणी वृद्धि हुई है। पीएमएवाई-जी के तहत निर्मित होने वाले एक करोड़ आवासों में से 76 लाख लाभार्थियों को आवास आवंटित किये जा चुके हैं और लगभग 63 लाख लाभार्थियों ने धनराशि पहली किश्त प्राप्त कर ली है। असम और बिहार में भी आवासों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 2017-18 के दौरान उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक आवासों का निर्माण हुआ है। मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। ओडिशाछत्तीसगढ़राजस्थानमहाराष्ट्रझारखंड आदि राज्यों में पीएमएवाई-जी के तहत सबसे अधिक लाभार्थी हैं। अब तक 38.22 लाख पीएमएवाई-जी आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है।

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

आदरणीय प्रधानमंत्री जी के फैसले का स्वागत

                                                                                                                                    देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आ. नरेंद्र मोदी जी ने एक नारा दिया था, सबका साथ, सबका विकास... देशवासियों को इसका पर्याय एक के बाद समझ में आ गया होगा। 07 जनवरी 2019 को हिन्दुस्तान के संवैधानिक इतिहास में एक ऐसा मोड़ आया, जब आरक्षण के चल रहे मापदंडों को बिना छेड़े, सवर्णों को भी 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा मा. प्रधानमंत्री ने कर दी। मेरा मानना है कि इससे ज्यादा ‘अच्छे दिन’ का उदाहरण देने की आवश्यकता नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक के बाद एक सकारात्मक कदम इस बात का सुबूत है कि हम विकास की ओर दिन प्रतिदिन अग्रसर हो रहे...

किसानों पर कांग्रेस का छलावा अब उजागर

आज सुबह सुबह मध्य प्रदेश की एक ऐसी खबर पर नजर गई जो कांग्रेस एवं तमाम विपक्षी दलों के झूठ और किसानों को दिए झाँसे की पोल खोल कर रख देती है... झूठ के बल पर जहां कांग्रेस ने हाल में कुछ राज्यों में सरकारें बना ली, वहीं जब सच में किसानों का कर्ज माफी की बात सामने आ रही है तो नतीजा गोलमाल और हेराफेरी सा प्रतीत हो रहा है... मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में किसान ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू होते ही 76 कृषि साख सहकारी समितियों में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। समितियों की ओर से पंचायत पर ऋणदाताओं की सूची चस्पा की तो ऐसे किसान सामने आए, जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं, लेकिन वह कर्जदार हैं। किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा व समितियों पर पहुंच कर आपित्त दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि जब बैंक से कर्ज लिया ही नहीं तो माफी कैसी? जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से किसानों को फसल के लिए ऋण साख सहकारी समितियों के माध्यम से दिया जाता है। पिछले दस साल में बिना कागजी कार्रवाई किए 120 करोड़ का फर्जी ऋण वितरण किया गया। वर्ष 2010 में ऋण वितरण घोटाला सामने आया था, लेकिन तत्कालीन भाजपा...

प्रियंका गांधी क्या रावर्ट वाड्रा के लिये आई हैं ?

जिस दिन प्रियंका गांधी को कांग्रेस का औपचारिक रूप से महासचिव बनाया गया था , मुझे लगा था कि कांग्रेस में प्राण फूंकने और राहुल गांधी की एकरसता और मूर्खता से निपटने के लिए प्रियंका को लाया गया है । और कि ठीक ही लाया गया है । प्रियंका में संभावना भी बहुत देखी गई । लेकिन आज पता चला कि वह सारी कवायद तो राबर्ट वाड्रा के भ्रष्टाचार पर राजनीतिक पर्दा डालने की थी , रावर्ट वाड्रा को उबारने के लिए थी , कांग्रेस को उबारने की नहीं । दिल्ली में आज सुबह लगे राहुल , प्रियंका और रावर्ट वाड्रा के लगे पोस्टर भी यही चुगली खाते हैं , जो बाद में उतार दिए गए । लेकिन कांग्रेस इस में सफल होती फिलहाल तो नहीं दिख रही । आज शाम ई डी आफिस में राबर्ट वाड्रा को छोड़ कर फटाक से कांग्रेस महासचिव की कुर्सी पर जा कर बैठ जाना , फिर भाग कर ई डी आफिस रावर्ट वाड्रा को लेने आ जाना , बहुत ही बचकाना राजनीतिक कदम था प्रियंका का। अभी रावर्ट वाड्रा को ई डी के कई चक्कर लगाने हैं , तो प्रियंका राजनीति कब करेंगी , रावर्ट वाड्रा को अटेंड कब करेंगी। प्रियंका ने अपनी बाक़ायदा राजनीति का आज का पहला दिन बहुत ख़राब परफार्म किया । भ्रष्ट ही...