विदेशी हो या स्वदेसी, आज भारत के हर घर में पाएंगे आप ढेरों इलेक्ट्रिक उपकरण। वो चाहें टीवी हो या टैबलेट, मोबाइल हो या अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण या ढेरों ऐसी वस्तुएं, जिनकी सर्विसेस की हमें ज़रूरत पड़ती है। जिसके लिए हमें आवश्यकता होती है, लेटेस्ट टेक्नोलॉजिज के साथ ट्रेंड टेक्निशियंस की। इसीलिए भारत में इस बढ़ती ज़रूरत को पूरा करने का जिम्मा उठाया है भारत सरकार ने, उन्हें देकर कौशल विकास योजना की सौगात।
स्किल डिवेलपमेंट के मामले में हमारा देश दूसरे देशों के मुकाबले काफ़ी पीछे रहा था। नेशनल सैंपल सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार भारत की स्किल डेवलपमेंट 3.5 थी और 2019 तक भारत को 12 करोड़ स्किल युवाओं की जरूरत होगी, इसे देखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जुलाई 2015 को युवाओं के लिए कौशल विकास योजना की शुरूआत की… इस योजना का मुख्य उदेश्य देश में गरीबी को खत्म कर ज्यादा से ज्यादा युवाओं को शिक्षित कर उन्हें रोजगार दिलाना है…इसके अलावा विकास करने के नये क्षेत्रों को खोज युवाओं को उस अनुरूप दक्ष बनाने की हर संभव कोशिश करना है…
केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही कोर्सेस को कई सरकारी संस्थाओं से मान्यताबद्ध किया गया है… साथ ही अभ्यर्थियों को बाज़ार की मांग के हिसाब से भी प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि आप उनकी ऊर्जा और दक्षता का सही दिशा में प्रयोग कर सकें और आप स्वरोजगार को अपने दम पर हासिल कर सकें… और यह संभव भी हुआ है क्योंकि उद्योगों को भी बनाया गया है, इस कार्यक्रम का साझीदार… और प्राइवेट संस्थानों के द्वारा भी उन्हें दी जा रही है ट्रेनिंग… यह समय है हमारे प्रधानमंत्री का सपना जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट को साकार करने का…

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