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आज का नया भारत बहुत कुछ कह्ता है ............


वो नया भारत है जो पुराने मिथक तोड़ रहा है,

ये वो भारत है जो नई परिभाषाएं गढ़ रहा है,

ये वो भारत है जो आत्मरक्षा में जवाब दे रहा है

ये वो भारत है जिसके जवाब पर विश्व सवाल नहीं उठा रहा है ।

 पुलवामा हमले के जवाब में पाक स्थित आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक करने के बाद अब भारतीय सेना का कहना है की आतंकवाद के खिलाफ अभी ऑपरेशन पूरा नहीं हुआ है। ये नया भारत है जिसने  एक कायराना हमले में अपने 44 वीर जवानों को खो देने के बाद केवल उसकी कड़ी निंदा करने के बजाए उस  की प्रतिक्रिया की और आज इस नए भारत की ताकत को विश्व महसूस कर रहा है ।

 आज विश्व इस न्यू इंडिया को केवल महसूस ही नहीं कर रहा बल्कि स्वीकार भी कर रहा है। ये वो न्यू इंडिया है जिसने विश्व को आतंकवाद की परिभाषा बदलने के लिए मजबूर कर दिया । जो भारत अब से कुछ समय पहले तक आतंकवाद के मुद्दे पर विश्व में अलग थलग था आज पूरी दुनिया उसके साथ है। क्योंकि 2008 के मुंबई हमले के दौरान विश्व के जो देश इस साजिश में पाक का नाम लेने बच रहे थे आज पुलवामा के लिए सीधे सीधे पाक को दोषी ठहरा रहे है ।अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक हर देश आतंकवाद को लेकर पकिस्तान के रुख की भर्त्सना कर रहा है । इतना ही नहीं जो अमेरिका और इरान अपनी अपनी विदेश नीति को लेकर अक्सर एक दूसरे के आमने सामने होते हैं आज उनकी पाक को लेकर एक ही नीति है । फ्रांस ने तो यहाँ तक कह दिया है कि पाक को अपनी सीमा में होने वाली आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम लगनी चाहिए । जर्मनी और रूस के बयान भी इससे जुदा नहीं थे । और तो और जब पाकिस्तान ने भारत पाक तनाव का असर अफगान शांति प्रक्रिया पर पड़ने की बात कही तो अफगान सरकार ने पाक के झूठ को बेनकाब  करके खुलकर भारत का समर्थन किया। दरअसल ये भारत की बहुत बढ़ी कूटनीतिक उपलब्धि है कि कल तक अन्तराष्ट्रीय मंच पर  जिस पाक प्रायोजित आतंकवाद को "एक देश का आतंकवादी दूसरे देश का स्वतंत्रता सेनानी है" कहा जाता था आज "आतंकवाद को किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता" कहा जा रहा है ।

और ये इस न्यू इंडिया की बहुत बड़ी जीत है कि आज एक तरफ विश्व के ये देश उसके साथ हैं तो दूसरी तरफ ओआईसी यानी आर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक रिपब्लिक के 57 मुस्लिम देश भी आतंकवाद के मुद्दे पर पाक के नहीं बल्कि भारत के साथ हैं। हाल ही में ओआईसी के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के कॉन्क्लेव में भारत की विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज का गेस्ट ऑफ ऑनर बनना और पाक का बॉयकॉट करना अपने आप में बहुत कुछ कहता है। ऐसे माहौल में चीन भी भारत में आतंकवाद को कश्मीर की आज़ादी की लड़ाई साबित करने के पकिस्तान के षड्यंत्र में पाक का साथ छोड़ने के लिए विवश हो रहा है। यह न्यू इंडिया की ही ताकत है कि सुयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पुलवामा हमले के निंदा प्रस्ताव पर चीन को भी अपनी सहमति देनी पड़ी । क्योंकि हाल के समय में तेज़ी से बदलते हुए वैश्विक परिदृश्य में इस न्यू इंडिया ने विश्व में अपनी एक विशिष्ट पहचान और जगह दोनों बनाई है। जो भारत आज से कुछ सालों पहले तक दुनिया की नज़र में सांप सपेरों का देश था आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और एक तेज़ी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। जो भारत 1965 1971 और 1999 में कूटनीतिक रूप से कमजोर था आज वो इस मामले में अपना लोहा मनवा चुका है। जिस राजनैतिक तीव्रता से सम्पूर्ण विश्व ने सिर्फ पुलवामा हमले की निंदा ही नहीं की बल्कि पकिस्तान को दोषी ठहराया और भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को अपना समर्थन दिया वो वैश्विक राजनीति में भारत की बदली हुई भूमिका बताने के लिए काफ़ी है।

ये बताने के लिए काफी है कि आज का भारत गांधी का अहिंसा वादी भारत नहीं बल्कि यह न्यू इंडिया है। ये वो भारत है जो अपने गुनहगारों का पीछा करते हुए खुद को सीमाओं में नहीं बंधता। वो सीमाओं के पार जाकर साज़िश के असली गुनहगारों को उनके अंजाम तक पहुंचाता है। लेकिन खास बात यह है कि एक देश की सीमा रेखा को पार कर के अपना बदल लेकर भी ये न्यू इंडिया यह स्पष्ठ संदेश देने में कामयाब होता है कि यह "हमला" नहीं है। ये वो न्यू इंडिया है जो दुनिया को यह समझाने में कामयाब हुआ है कि हम शांति चाहते हैं और शांति के लिए हम युद्ध करने के लिए तैयार हैं।

शायद इसीलिए वो भारत जो 1971 में जेनेवा समझौते के बावजूद 90000 पाक युद्ध बंदियों और जीते हुए पाक के हिस्से के बदले अपने 54 सैनिक वापस नहीं ले पाता आज पाक को 36 घंटे के भीतर अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते भारी घरेलू विरोध के बावजूद भारतीय पायलट बिना शर्त सकुशल लौटाने के लिए बाध्य कर देता है। ये नया भारत अपनी कूटनीति से पाक और उसके हर झूठ को दुनिया के सामने बेनकाब कर देता है। उस अमेरिका के साथ उसके रिश्ते की नींव ही हिला देता है जिसकी आर्थिक सहायता से उसकी अर्थव्यवस्था चलती है। ये वो न्यू इंडिया है जो बिना लड़े ही युद्ध जीत जाता है। और वो न्यू इंडिया जिसका पायलट मिग 21से f 16 को गिराने का हौसला और जज्बा रखता है एक बार फिर विश्व गुरु बनने के लिए तैयार है।

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