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राहुल जी, अब आपको देश के सामने सिर झुकाकर माफी मांगनी चाहिए


आज CAG की बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट संसद में पेश कर दी गयी जिसमें कीमत का खुलासा किये बिना कहा गया है कि यह सौदा पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय किए गए सौदे से कुल मिलाकर 2.86 फीसदी सस्ता है। तो क्या ये मान लिया जाए कि कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीमान राहुल गांधी जी का गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने राजनीतिक फायदे और वोट-बैंक के लिए देश को एक ऐसे भ्रम में रखा, जिसने देश की साख को धूमिल करने का कार्य किया है। लेकिन मैं राहुल जी को यही कहना चाहता हूं कि अगर आपको सीएजी की रिपोर्ट को भी अब झूठा समझना है तो समझिए, लेकिन अब आपको अपनी हरकतों के एवज में देश के सामने सिर झुकाकर माफी मांगनी चाहिए। मैं मानता हूं कि शब्द ब्रह्म है। वो तीर है जो निकलने के बाद कभी वापस नहीं आते। यहां तो राहुल जी के कृत्य से पूरे हिन्दुस्तानवासियों को फ्रांस ही नहीं बल्कि विश्वभर में रह रहे हिन्दुस्तानियों को वहां की सरज़मीं पर सिर को शर्म से झुकाना पड़ा होगा। राहुल जी, अब तो आपके माफी मांगने से वो पल भी नहीं लौटेगा। 
राहुल जी, लेकिन इसमें गलती आपकी नहीं है, आपके सिपहसालारों की है, जो समय-समय पर अपने कद को आपके सामने ऊंचा उठाने के लिए आपको ही नीचा कर देते हैं। आपको और आपके सिपहसालारों को पता चल गया होगा कि कैग की रिपोर्ट में बताया गया है कि राफेल अनुबंध में कुल 14 वस्तुओं के साथ छह अलग-अलग पैकेज शामिल थे। ये छह पैकेज-फ्लाइवे विमान पैकेज, अनुरक्षण पैकेज, भारतीय विशिष्ट वृद्धियां, हथियार पैकेज, संबंधित सेवाएं और सिम्युलेटर पैकेज हैं। 
विपक्ष आलोचना करता रहा कि मोदी सरकार ने राफेल सौदे में अधिक भुगतान किया है। इसपर केंद्र ने कहा कि 2016 के कॉन्ट्रैक्ट में भारत की जरूरत के हिसाब से बदलाव किए गए। हालांकि, कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बदलावों में चार की जरूरत नहीं थी। भारतीय वायु सेना ने 2010 में अपने तकनीकी मूल्यांकन में भी यही कहा था। लेकिन राफेल सौदे में उन विशिष्टताओं को शामिल किया गया था। 
इस मामले पर मैं अंत में यही कहना चाहता हूं कि चुनाव के दौरे में ऐसे आरोप-प्रत्यारोप की तह तक जाकर जनता को हर मामले को खुद से देखना चाहिए और निष्कर्ष निकालना चाहिए कि क्या सही है, क्या नहीं... क्योंकि इस परिवारवाद की राजनीति में देश के नामदार कई बार गलत को भी सही तरीके से पेश करने की रणनीति बनाते रहे हैं...

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