Skip to main content

पुलवामा के सभी शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि

कश्मीर अब एक समस्या नहीं , एड्स और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के रूप में हमारे सामने उपस्थित है। इस का इलाज आसन नहीं हैं। जो लोग कश्मीर समस्या
का हल बातचीत से करने की बात करते हैं , उन को दरकिनार कर कड़ी सैनिक कार्रवाई करनी चाहिए । कश्मीर में उपस्थित तमाम अलगाववादी नेताओं सहित महबूबा , फारुख अब्दुल्ला जैसे नेताओं को बिना किसी रियायत के जेल में ठूंस देना चाहिए । बहुत हो गई कड़ी निंदा और बदला लेने की बात । कुछ दिन के लिए संविधान और मानवाधिकार मुल्तवी कर देश में ही सर्जिकल स्ट्राइक की ज़रूरत है , पाकिस्तान में नहीं। ख़ास कर कश्मीर डिविजन में। प्रतिपक्ष को चिल्लाने दीजिए। बल्कि इस मुद्दे पर जो चिल्लाए उसे फौजी बूटों के तले कुचल देने की ज़रूरत है । ज़रूरत अपने ही विभीषण को मार देने की है ।

इतना ही नहीं , भारत को चीन से सबक ले कर चीन के रास्ते पर चलते हुए पूरे कश्मीर डिविजन के लोगों को चुन-चुन कर कश्मीर से बाहर कर इन्हें सुधार कैम्प में डाल कर , सारे मानवाधिकार स्थगित कर उन के साथ सख्ती से पेश आ कर हिंदुस्तानियत से उन्हें परिचित करवाया जाना चाहिए। क्यों कि उन के दिल में बसी पाकिस्तान परस्ती , हिंसा और जेहाद की भावना इतनी आसानी से नहीं जाने वाली। ज़िक्र ज़रूरी है कि चीन ने सैकड़ों उइगर मुस्लिमों को जबरन धर्म परिवर्तन कर चीनी सरकार के आधीन आने के लिए ट्रांसफर्मेशन के नाम पर ट्रेनिंग दी जा रही है। चीन में करीब ढाई करोड़ उइगर मुस्लिम रहते हैं और इन में से तीस लाख से अधिक नज़रबंद कर इन ट्रेनिंग कैम्प में रखे गए हैं ।

उइगर मुस्लिमों के बदलाव के लिए सरकार ने जगह-जगह पर ट्रेनिंग कैंप लगाए हैं और इन कैंपों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पश्चिमी चीन के विशाल बिल्डिंग के बाहर लाल बोर्ड पर बड़े-बड़े अक्षरों में चीनी भाषा सीखने, कानून की पढ़ाई करने और जॉब प्रशिक्षण के लिए तैयार होने के निर्देश हैं। स्थानीय पुलिस जबरन मुस्लिमों को पकड़ कर ट्रेनिंग कैंप में छोड़ती है। इन लोगों से कहा गया है कि पुरानी जिंदगी और मान्यताओं को पूरी तरह से भूल जाएं । यह ट्रेनिंग कैंप ऐसी जगह है जहां अतिवादी विचारों को खत्म किया जाने पर अमल किया जाता है । यह कैंप ऐसी जगह है जहां जबरन अपनी उइगर पहचान को खत्म करना होता है। ऐसा माओ के शासनकाल के बाद विचार परिवर्तन और चीन की सरकार के प्रति वफादारी के लिए इतना व्यापक अभियान पहली बार हो रहा है।

बता दें कि चीन के इन कैंप में रोज घंटों लंबी क्लास होती हैं, इसमें उइगर मुस्लिम को जबरन पकड़ कर लाया जाता है और उन से अपने विचार को भुला कर चीनी विचारधारा अपनाने को कहा जाता है। क्लास में मुस्लिमों को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थन में गीत गाना, चीन की राजनीतिक विचारधार पर भाषण दिए जाते हैं। यहां तक की चीन में अब उइगर मुस्लिमों की छोटी से छोटी गलती भी माफी के काबिल नहीं है। चीन में उइगर मुस्लिमों को अपने ही समुदाय के खिलाफ आलोचनात्मक लेख लिखने के लिए मजबूर किया जाता है। इन क्लास से निकले लोगों ने बताया है कि कार्यक्रम का उद्देश्य है किसी भी तरह से इस्लाम के लिए विश्वास को खत्म किया जा सके।

इतना ही नहीं , चीन में दाढ़ी रखना , बुरका पहनना , मुस्लिम टोपी पहनना , सार्वजनिक जगह पर नमाज पढ़ना आदि पूरी तरह प्रतिबंधित है । मजार , मस्जिद , कब्रिस्तान पूरी तरह खत्म कर दिए हैं । शव दफनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है । अपने खर्च पर शव को जलाना बाध्यकारी बना दिया गया है ।

समय आ गया है कि भारत में भी कश्मीर और कश्मीर के बाहर के ऐसे लोगों को चिन्हित कर , चाहे वह जिस भी जाति या धर्म , राजनीतिक पार्टी या विचारधारा के हों । हर किसी के साथ एक सुलूक होना चाहिए । देश की कीमत पर किसी के साथ कोई रियायत नहीं होनी चाहिए । कुछ लोग कहते हैं , पाकिस्तान दोषी है । गलत कहते हैं। पाकिस्तान नहीं , हमारे देश के भीतर पल रहे आस्तीन के सांप दोषी हैं। ज़रूरत आस्तीन के इन सांप को ताकत भर कुचल कर खत्म कर देने की है। बहुत हो गया शहीदों की शहादत को सलाम कर पाकिस्तान को कोसने का काम। पाकिस्तान अपनी नापाक हसरतों में तभी कामयाब होता है जब हमारे देश के हरामी , कमीने और गद्दार लोग देश के साथ घात करते हैं । भारत तेरे टुकड़े होंगे , इंशा अल्ला , इंशा अल्ला का नारा लगाने वाले कन्हैया और खालिद जैसों की पुरज़ोर पैरवी करते हैं । ऐसे लोगों से भी सख्ती से , पूरी निर्ममता से निपटने की ज़रूरत है । पुलवामा के सभी शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि। भगवान उन के परिजनों को उन से बिछड़ने को सहने की शक्ति दे ।

Comments

Popular posts from this blog

भारतीय रेलवे के बढ़ते कदम का स्वागत

बीते दिनों भारत रेलवे की दो खबरों का सबको बेसब्री से इंतजार रहा। सबसे पहले   श्री रामायण एक्सप्रेस और दूसरा नेक्सट जेनरेशन ट्रेन-18। सबसे पहले आपको श्री रामायण एक्सप्रेस के बारे में बताते हैं। दिल्ली से अयोध्या और फिर श्रीलंका तक के दर्शन की सुविधा प्रदान कर रहे इस ऐतिहासिक कदम का मैं दिल से स्वागत करता हूं। यह पैकेज 16 दिन का होगा और इस दौरान भगवान राम के जीवन से जुड़े सभी स्थलों के लोगों को दर्शन कराए जाएंगे। भारतीय परंपरा और देश की एकता और अखण्डता से रू-ब-रू कराने के लिए इस पहल की मैं जितनी प्रशंसा करूं, कम है। आपको बताते चलें कि ये ट्रेन दिल्ली से रवाना होने के बाद अयोध्या में पहला पड़ाव होगा। इसके बाद ये हनुमान गढ़ी ,   रामकोट और कनक भवन मंदिर जाएगी। ट्रेन रामायण सर्किट के महत्वपूर्ण स्थलों जैसे नंदीग्राम ,   सीतामढ़ी ,   जनकपुर ,   वाराणसी ,   प्रयाग ,   श्रृंगपुर ,   चित्रकूट ,   नासिक ,   हम्पी और रामेश्वरम को कवर करेगी। ट्रेन अपनी यात्रा तमिलनाडु के रामेश्वरम में 16 दिनों में पूरी करेगी। श्री रामायण एक्सप्रेस में सफर करने वाल...

मिसाइल हेलीना के सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्रालय को बधाई

मुझे जानकर बहुत हर्ष हुआ कि रक्षा मंत्रालय ने देश में विकसित गाइडेड बम (निर्देशित बम) स्मार्ट एंटी एयरफिल्ड वेपन्ज (एसएएडब्ल्यू) और टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल हेलीना का राजस्थान में अलग-अलग फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण पोखरण में किया। चांदन रेंज में वायु सेना के विमान से एसएएडब्ल्यू का सफल परीक्षण होना, पूरे देश के लिए गर्व की बात है।   एसएएडब्ल्यू युद्धक सामग्री से लैस था और पूरी सटीकता के साथ लक्ष्य पर निशाना साधने में यह सफल रहा। एसएएडब्ल्यू उम्दा दिशासूचक का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न जमीनी लक्ष्यों को तबाह करने में सक्षम है। यह दुनिया में अत्याधुनिक टैंक रोधी हथियारों में से एक है। इन दोनों हथियारों को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। निस्संदेह, इन सफल परीक्षणों से देश की रक्षा क्षमता को मजबूती मिलेगी। एसएएडब्ल्यू को वायुसेना के लिए विकसित किया गया है। वहीं ,   हेलीना भारतीय सेना के अस्त्रागार की शोभा बढ़ाएगा। देश की सुरक्षा के लिए हम ऐसे प्रयोग करते रहें, यह देश की रक्षा-क्षमता को मजबूत बनाता है। मैं देश के माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र ...

आदरणीय प्रधानमंत्री जी के फैसले का स्वागत

                                                                                                                                    देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आ. नरेंद्र मोदी जी ने एक नारा दिया था, सबका साथ, सबका विकास... देशवासियों को इसका पर्याय एक के बाद समझ में आ गया होगा। 07 जनवरी 2019 को हिन्दुस्तान के संवैधानिक इतिहास में एक ऐसा मोड़ आया, जब आरक्षण के चल रहे मापदंडों को बिना छेड़े, सवर्णों को भी 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा मा. प्रधानमंत्री ने कर दी। मेरा मानना है कि इससे ज्यादा ‘अच्छे दिन’ का उदाहरण देने की आवश्यकता नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक के बाद एक सकारात्मक कदम इस बात का सुबूत है कि हम विकास की ओर दिन प्रतिदिन अग्रसर हो रहे...