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हर मनुष्य की वाणी उसके विचारों का द्योतक है

चुनाव के दौरान कई बार ऐसे विवादास्पद बयान देखने को मिलते हैं जो किसी नेता के व्यक्तित्व को उजागर करता है, क्योंकि मेरा मानना है कि हमारी वाणी हमारे मन मस्तिष्क का परिचायक है जो हमारी सोच का द्योतक भी है... राजस्थान मैं जिस तरह शरद यादव जी का वसुंधरा राजे जी को लेकर विवादास्पद बयान आया है, उसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है... राजनीति में मैं ऐसी बयानबाजी को सबसे निम्न स्तर की राजनीति मानता हूं...

दूसरा विषय आज मैं अपने ब्लॉग के माध्यम से उल्लेख करना चाहूंगा कि क्रूड ऑइल के उत्पादन में कटौती को लेकर बड़े तेल उत्पादक देश अंतिम फैसला करने वाले हैं। इससे पहले सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उपलब्धियों को लेकर अपना विचार व्यक्त किया है...  उन्होंने उन्होंने प्रधानमंत्री जी की विदेशी कूटनीतिक कौशल ता की तारीफ की है...
तीसरा विषय में उल्लेख करना चाहूंगा उत्तर प्रदेश की घटना से...  उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय श्री योगी आदित्यनाथ जी ने जिस तरह बुलंदशहर की घटना के बाद खुद से एक्शन लिया और लगातार बैठकें करते रहे, वह एक मुख्यमंत्री की सक्रियता को दर्शाता है और मैं उनकी प्रशंसा करता हूं और देश को एक संवाद देने कि कोशिश करता हूं यही खासियत है भाजपा के शासन की...

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आदरणीय प्रधानमंत्री जी के फैसले का स्वागत

                                                                                                                                    देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आ. नरेंद्र मोदी जी ने एक नारा दिया था, सबका साथ, सबका विकास... देशवासियों को इसका पर्याय एक के बाद समझ में आ गया होगा। 07 जनवरी 2019 को हिन्दुस्तान के संवैधानिक इतिहास में एक ऐसा मोड़ आया, जब आरक्षण के चल रहे मापदंडों को बिना छेड़े, सवर्णों को भी 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा मा. प्रधानमंत्री ने कर दी। मेरा मानना है कि इससे ज्यादा ‘अच्छे दिन’ का उदाहरण देने की आवश्यकता नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक के बाद एक सकारात्मक कदम इस बात का सुबूत है कि हम विकास की ओर दिन प्रतिदिन अग्रसर हो रहे...

किसानों पर कांग्रेस का छलावा अब उजागर

आज सुबह सुबह मध्य प्रदेश की एक ऐसी खबर पर नजर गई जो कांग्रेस एवं तमाम विपक्षी दलों के झूठ और किसानों को दिए झाँसे की पोल खोल कर रख देती है... झूठ के बल पर जहां कांग्रेस ने हाल में कुछ राज्यों में सरकारें बना ली, वहीं जब सच में किसानों का कर्ज माफी की बात सामने आ रही है तो नतीजा गोलमाल और हेराफेरी सा प्रतीत हो रहा है... मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में किसान ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू होते ही 76 कृषि साख सहकारी समितियों में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। समितियों की ओर से पंचायत पर ऋणदाताओं की सूची चस्पा की तो ऐसे किसान सामने आए, जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं, लेकिन वह कर्जदार हैं। किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा व समितियों पर पहुंच कर आपित्त दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि जब बैंक से कर्ज लिया ही नहीं तो माफी कैसी? जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से किसानों को फसल के लिए ऋण साख सहकारी समितियों के माध्यम से दिया जाता है। पिछले दस साल में बिना कागजी कार्रवाई किए 120 करोड़ का फर्जी ऋण वितरण किया गया। वर्ष 2010 में ऋण वितरण घोटाला सामने आया था, लेकिन तत्कालीन भाजपा...

प्रियंका गांधी क्या रावर्ट वाड्रा के लिये आई हैं ?

जिस दिन प्रियंका गांधी को कांग्रेस का औपचारिक रूप से महासचिव बनाया गया था , मुझे लगा था कि कांग्रेस में प्राण फूंकने और राहुल गांधी की एकरसता और मूर्खता से निपटने के लिए प्रियंका को लाया गया है । और कि ठीक ही लाया गया है । प्रियंका में संभावना भी बहुत देखी गई । लेकिन आज पता चला कि वह सारी कवायद तो राबर्ट वाड्रा के भ्रष्टाचार पर राजनीतिक पर्दा डालने की थी , रावर्ट वाड्रा को उबारने के लिए थी , कांग्रेस को उबारने की नहीं । दिल्ली में आज सुबह लगे राहुल , प्रियंका और रावर्ट वाड्रा के लगे पोस्टर भी यही चुगली खाते हैं , जो बाद में उतार दिए गए । लेकिन कांग्रेस इस में सफल होती फिलहाल तो नहीं दिख रही । आज शाम ई डी आफिस में राबर्ट वाड्रा को छोड़ कर फटाक से कांग्रेस महासचिव की कुर्सी पर जा कर बैठ जाना , फिर भाग कर ई डी आफिस रावर्ट वाड्रा को लेने आ जाना , बहुत ही बचकाना राजनीतिक कदम था प्रियंका का। अभी रावर्ट वाड्रा को ई डी के कई चक्कर लगाने हैं , तो प्रियंका राजनीति कब करेंगी , रावर्ट वाड्रा को अटेंड कब करेंगी। प्रियंका ने अपनी बाक़ायदा राजनीति का आज का पहला दिन बहुत ख़राब परफार्म किया । भ्रष्ट ही...