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कांग्रेस के झूठे बोल से नहीं, इनके आंकड़ों से अब का फर्क समझिए

मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आ. नरेन्द्र भाई मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। ये खुद अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का कहना है। आईएमएफ के अनुसार दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ रही है। कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2014-2015 से 2017-2018 के बीच 7.3 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर दर्ज की है। विश्व में भारतीय अर्थव्यवस्था का हिस्सा 1960 से 2013 तक 1.8 प्रतिशत था, जो 2014 में 2.6 प्रतिशत और 2017 में बढ़कर 3.2 प्रतिशत हो गया। आईएमएफ का यह भी कहना है कि अगले साल 2019 में भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में ब्रिटेन से आगे निकल पांचवें स्थान पर आ सकता है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूसी के अर्थशास्त्री माइक जैकमैन का पूर्वानुमान 2019 भी आईएमएफ के अनुमानों के समान है, जिसमें कहा गया है कि भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो ग्लोबल जीडीपी लीग टेबल में लगातार ऊपर की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
हम इससे पहले कांग्रेस नेतृत्व की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के अंतिम तीन सालों की अर्थव्यवस्था की गति पर गौर करें तो वर्ष 2011-12 में 6.7, वर्ष 2012-13 में 4.5 और वर्ष 2013-14 में 4.7 प्रतिशत थी। वहीं बीते तीन वर्षों के आ. मोदी जी सरकार के कार्यकाल पर गौर करें तो वर्ष 2014-15 में 7.2, वर्ष 2015-16 में 7.6 थी, वहीं वर्ष 2016-17 में 7.1 है। जाहिर है बीते तीन सालों में जीडीपी ग्रोथ रेट 7 से ज्यादा रही है। जबकि पूर्ववर्ती यूपीए के अंतिम तीन सालों के औसत जीडीपी ग्रोथ रेट 5.3 ही रही है।
कांग्रेस जिस तरह झूठ का डंका पीट रही है, वह इन आंकड़ों से साफ तरीके से ध्वस्त हो रही है। सत्यमेव जयते।

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