मध्य प्रदेश में सत्ता आते ही कांग्रेस का जो रवैया सामने आया है वह चौंकाने वाला इसलिए नहीं है क्योंकि कांग्रेसी नेताओं की फितरत से मैं काफ़ी समय से वाकिफ हूं... शपथ लेने के तुरंत बाद कांग्रेस के मंत्री सज्जन सिंह ने कहा है कि दंड भोगने से अच्छा है कि सरकारी कर्मचारी RSS की शाखा में न जाएं... सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि उन्होंने यह बात बहुत ही धमकी भरे लहजे में कहा है... वहीं एक और कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे ने भी इशारों इशारों में मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को यह धमकी दे डाली...
मेरा मानना है कि ऐसा करना संविधान के खिलाफ होगा... आरएसएस एक सामाजिक सांस्कृतिक संगठन है... संविधान के अनुच्छेद 19 के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी सांस्कृतिक संगठन में भाग लेने का अधिकार है... जब आरएसएस अखिल भारतीय स्तर और प्रतिबंधित हो जाए तभी उसकी गतिविधियों में जाने और बैन लगाया जा सकता है... कल को आप बोलोगे कि आप खेलोगे नहीं, आप घूमने नहीं जाओगे, आप मंदिर नहीं जाओगे... ऐसा नहीं हो सकता...
मध्य प्रदेश में ये आपातकाल सा प्रतीत हो रहा है... स्वयंसेवकों पर प्रतिबंध यानी स्वयंसेवक यदि सरकारी सेवा में है और शाखा नहीं जा सकते तो ये मौलिक अधिकारों का हनन है... अगर इस प्रकार की हिमाकत की गई तो उसका जवाब उसी तर्ज पर दिया जाएगा क्योंकि जो भाषा कांग्रेस के मंत्री बोल रहे हैं वो आपातकाल जैसे स्थिति है...
मेरा मानना है कि ऐसा करना संविधान के खिलाफ होगा... आरएसएस एक सामाजिक सांस्कृतिक संगठन है... संविधान के अनुच्छेद 19 के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी सांस्कृतिक संगठन में भाग लेने का अधिकार है... जब आरएसएस अखिल भारतीय स्तर और प्रतिबंधित हो जाए तभी उसकी गतिविधियों में जाने और बैन लगाया जा सकता है... कल को आप बोलोगे कि आप खेलोगे नहीं, आप घूमने नहीं जाओगे, आप मंदिर नहीं जाओगे... ऐसा नहीं हो सकता...
मध्य प्रदेश में ये आपातकाल सा प्रतीत हो रहा है... स्वयंसेवकों पर प्रतिबंध यानी स्वयंसेवक यदि सरकारी सेवा में है और शाखा नहीं जा सकते तो ये मौलिक अधिकारों का हनन है... अगर इस प्रकार की हिमाकत की गई तो उसका जवाब उसी तर्ज पर दिया जाएगा क्योंकि जो भाषा कांग्रेस के मंत्री बोल रहे हैं वो आपातकाल जैसे स्थिति है...

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