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कुर्सी की खातिर महागठबंधन


देश में हाल के दिनों में विपक्षी दलों के द्वारा महागठबंधन के मुद्दे पर हर दिन कुछ न कुछ मीडिया में प्रसारित करने का ट्रेंड सा चल पड़ा है... विपक्षी दल यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि सारे महागठबंधन के दल एकजुट हैं, लेकिन मेरा इस पर यह मानना है कि आपकी एकजुटता को जनता अच्छी तरह समझती है... आप वही थे जो कभी एक दूसरे को गालियां दिया करते हैं, आप वही थे जो कभी एक दूसरे के खिलाफ पब्लिक से वोट की अपील करते हैं, आप वही हैं जो जीतने के बाद जनता को गुमराह कर अपनी सरकार बनाने का रास्ता निकालते हैं... आप वही हैं जो हमेशा जनता को ठगकर वोट मांगते रहे हैं और अपनी कुर्सी की राजनीति करते रहे हैं...

महागठबंधन के प्रमुख घटक तेलुगू देशम पार्टी का गठन कांग्रेस की ज्यादती के खिलाफ दिवंगत मुख्यमंत्री एनटी रामाराव ने किया था, लेकिन अब पार्टी कांग्रेस से हाथ मिलाने का इच्छुक है... महागठबंधन में कुछ पार्टियों ने समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया से प्रेरित होने का दावा किया है लेकिन वे (लोहिया ने) स्वयं कांग्रेस की विचाराधारा के खिलाफ थे...

आज कई लोग महागठबंधन की बात कर रहे हैं... गठबंधन निजी अस्तित्व को बचाने के लिए है और विचारधारा-आधारित समर्थन नहीं है... गठबंधन सत्ता के लिए है, जनता के लिए नहीं... यह गठबंधन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के लिए है, लोगों की आकांक्षाओं के लिए नहीं...

गठबंधन के कई दलों और नेताओं का कहना है कि वह लोहिया से प्रेरित हैं, जो स्वयं कांग्रेस विरोधी थे. गठबंधन के कई नेताओं को आपातकाल के दौरान गिरफ्तार तथा प्रताड़ित किया गया...

राजनीति से अलग आज एक विषय पर बहुत आहत हूं... इंडोनेशिया (Indonesia Tsunami) में सुनामी ने तबाही मचा दी है... ज्वालामुखी फटने से उठी जानलेवा तूफानी लहरों ने सैकड़ों जिंदगी छीन ली हैं... अब तक मरने वालों का आंकड़ा 281 तक पहुंच गया है. जबकि एक हजार से ज्यादा लोग जख्मी हो गए हैं... यह बर्बादी क्रेकाटोआ में ज्वालामुखी फटने के बाद आई है... कई लोग लापता भी बताए जा रहे हैं... ऐसे में विनाशकारी सुनामी से मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका बताई जा रही है... मैं ईश्वर से जल्द ऐसे प्रलयकारी विनाश के शांत होने की कामना करता हूं...

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