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सउदी अरब के संस्कृति, युवा मामले एवँ सामाजिक विकास मंत्री शेख़ नाहयान बिन मुबारक ने आबू धाबी में भारतीय राजदूत नवदीप सूरी के घर पहुँचकर न केवल उन्हें सउदी की जनता की ओर से दीपावली की शुभकामनाएँ दीं बल्कि दीपावली पूजन में भी भाग लिया.
जबकि हमारे देश में एकदम उलट है. यहाँ मुसलमानों के खैरख्वाह बनने वाले नेता और उनके अनुयायियों में इस बात की होड़ रहती है कि कौन कितना ज्यादा हिन्दुओं के त्यौहार और परम्पराओं का अपमान या उनको खारिज़ कर सकता है ताकि वे ख़ुद को हिन्दुओं से अलग और अरबी सोच के करीब बता सकें.
जबकि अरब मुल्क ख़ुद को वैश्विक बदलाव के साथ ढाल रहे हैं वहीं भारत के आज़म खान और ओवैसी जैसे मुस्लिम नेता भारत के मुसलमानों को मध्ययुगीन सोच में बनाए रखना चाहते हैं, ताकि उनका घृणा का एजेंडा फल-फूल सके.

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