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विश्व का सबसे ऊंचा रेल मार्ग अब हिन्दुस्तान में


मुझे जानकर बहुत प्रसन्नता हुई कि रेलवे ने प्रस्तावित किया है कि भारत-चीन सीमा से लगती इसकी सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बिलासपुर-मनाली-लेह लाइन को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जाना चाहिए। यह विश्व का सबसे ऊंचा रेल मार्ग होगा। दिल्ली से लेह जाने के लिए अभी 40 घंटे लगते हैं, लेकिन इस लाइन के तैयार होने के बाद सिर्फ 20 घंटे लगेंगे। 

बड़े शहरों में मेट्रो रेल के कई स्टेशन सुरंगों के अंदर हैं, अब जल्द ही भारतीय रेल का एक रेलवे स्टेशन सुरंग के अंदर तैयार होगा। एक खास प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल प्रदेश की बिलासपुर-मनाली-लेह लाइन पर केलांग में सुरंग के अंदर रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। यह सुरंग 27 किमी लंबी होगी और स्टेशन 3000 मीटर की ऊंचाई पर होगा। फिलहाल इस प्रोजेक्ट के लिए पहले चरण का सर्वे किया जा रहा है। 

केलांग कस्बा लाहौल और स्पीती जिले का प्रशासनिक केंद्र है। यह मनाली से 26 किमी इंडो-चीन बॉर्डर से महज 120 किमी दूर है। बॉर्डर के पास होने के चलते इसके जरिए फ्रंटियर एरिया में जानमाल को लाने-ले जाने में आसानी होगी। जैसे ही फाइनल सर्वे पूरे होंगे, वैसे ही इस रूट पर और भी कई स्टेशन बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत 74 सुरंगें, 124 बड़े ब्रिज और 396 छोटे पुल बनेंगे। यह रेलवे लाइन पूरी होते ही बिलासपुर और लेह के बीच आने वाले हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई प्रमुख कस्बों को जोड़ेगी। 

रेलवे ने यह सुझाव भी दिया है कि हिमाचल प्रदेश के उप्शी और और लेह के फे के बीच 51 किलोमीटर लंबी पट्टी पर तत्काल निर्माण शुरू होना चाहिए। परियोजना के लिए सर्वेक्षण का पहला चरण पूरा हो गया है और 465 किलोमीटर लंबी लाइन पर लागत का प्रारंभिक आकलन 83,360 करोड़ रुपये का है। रेलवे की यह सबसे कठिन परियोजना है और यह सामरिक महत्व के लिहाज से पांच सर्वाधिक महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। यह हमारे लिए ये हर्ष का विषय है कि माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ये देश दिन--दिन तरक्की के पथ पर प्रशस्त है।

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