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हृदय विदारक घटनाओं से व्यथित हूं

रायबरेली के हरचंदपुर स्टेशन के पास हुए हादसे को जानकर मुझे बहुत दुख हुआ। न्यू फरक्का एक्सप्रेस की इंजन समेत पांच बोगियां पटरी से उतर गईं, जिसके कारण ये हादसा हुआ। इसमें सात लोगों की जान जानें की खबर है तथा 35 लोगों के घायल होने की बात बताई जा रही है। स्थानीय लोगों और हरचंदपुर स्टेशन के स्टाफ के साथ एनडीआरएफ की टीम स्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। यूपी के माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों के लिए 50 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। वहीं माननीय रेल मंत्री आदरणीय पीयूष गोयल जी ने ऐलान किया है कि इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को रेलवे की तरफ से 5-5 लाख रुपये का मुआवजदा दिया जाएगा, वहीं गंभीर रूप से घायलों को एक लाख और सामान्य रूप से घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
वहीं, ओड़िशा से एक चिंता सामने आ रही है कि चक्रवाती तूफान तितली भारतीय तटों पर दस्तक दे सकता है। बताया जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर चक्रवाती तूफान तितली में बदल गया है और ओडिशा-आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। आईएमडी ने वहां बुधवार और गुरूवार को ओडिशा के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए राज्य में रेड अलर्ट भी जारी किया है। मैं इस ब्लॉग के माध्यम से वहां की पार्टी कार्यकर्ताओं से जनहित में लगातार मदद करते रहने तथा जनता से किसी प्रकार की समस्या पर जिला प्रशासन के संपर्क में रहने की अपील करता हूं। 

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किसानों पर कांग्रेस का छलावा अब उजागर

आज सुबह सुबह मध्य प्रदेश की एक ऐसी खबर पर नजर गई जो कांग्रेस एवं तमाम विपक्षी दलों के झूठ और किसानों को दिए झाँसे की पोल खोल कर रख देती है... झूठ के बल पर जहां कांग्रेस ने हाल में कुछ राज्यों में सरकारें बना ली, वहीं जब सच में किसानों का कर्ज माफी की बात सामने आ रही है तो नतीजा गोलमाल और हेराफेरी सा प्रतीत हो रहा है... मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में किसान ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू होते ही 76 कृषि साख सहकारी समितियों में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। समितियों की ओर से पंचायत पर ऋणदाताओं की सूची चस्पा की तो ऐसे किसान सामने आए, जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं, लेकिन वह कर्जदार हैं। किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा व समितियों पर पहुंच कर आपित्त दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि जब बैंक से कर्ज लिया ही नहीं तो माफी कैसी? जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से किसानों को फसल के लिए ऋण साख सहकारी समितियों के माध्यम से दिया जाता है। पिछले दस साल में बिना कागजी कार्रवाई किए 120 करोड़ का फर्जी ऋण वितरण किया गया। वर्ष 2010 में ऋण वितरण घोटाला सामने आया था, लेकिन तत्कालीन भाजपा...

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राहुल जी, अब आपको देश के सामने सिर झुकाकर माफी मांगनी चाहिए

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