Skip to main content

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुर्देवो महेश्वरः | गुरु: साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः ||

आज शिक्षक दिवस है. शिक्षक की दी हुई शिक्षा से ही बच्चे आगे चलकर देश के कर्णधार बनते हैं. ऐसे ही एक शिक्षक थे भारत के पूर्व राष्ट्रपति और दार्शनिक और शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जिनके सम्मान में उनके जन्मदिवस यानी 5 सितंबर को देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है.

डॉ. राधाकृष्णन महान शिक्षाविद थे. उनका कहना था कि शिक्षा का मतलब सिर्फ जानकारी देना ही नहीं है. जानकारी का अपना महत्व है लेकिन बौद्धिक झुकाव और लोकतांत्रिक भावना का भी महत्व है, क्योंकि इन भावनाओं के साथ छात्र उत्तरदायी नागरिक बनते हैं. डॉ. राधाकृष्णन मानते थे कि जब तक शिक्षक शिक्षा के प्रति समर्पित और प्रतिबद्ध नहीं होगा, तब तक शिक्षा को मिशन का रूप नहीं मिल पाएगा.

जानेमाने दार्शनिक बर्टेड रशेल ने उनके राष्ट्रपति बनने पर कहा था, 'भारतीय गणराज्य ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को राष्ट्रपति चुना, यह विश्व के दर्शनशास्त्र का सम्मान है. मैं उनके राष्ट्रपति बनने से बहुत खुश हूं. प्लेटो ने कहा था कि दार्शनिक को राजा और राजा को दार्शनिक होना चाहिए.

मैं ऐसे महान व्यक्ति को आज नमन करता हूं और अपने सभी वरिष्ठों, गुरुओं के चरणों में शीश झुकाते हुए उन्हें प्रणाम करता हूं.

Comments

Popular posts from this blog

किसानों पर कांग्रेस का छलावा अब उजागर

आज सुबह सुबह मध्य प्रदेश की एक ऐसी खबर पर नजर गई जो कांग्रेस एवं तमाम विपक्षी दलों के झूठ और किसानों को दिए झाँसे की पोल खोल कर रख देती है... झूठ के बल पर जहां कांग्रेस ने हाल में कुछ राज्यों में सरकारें बना ली, वहीं जब सच में किसानों का कर्ज माफी की बात सामने आ रही है तो नतीजा गोलमाल और हेराफेरी सा प्रतीत हो रहा है... मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में किसान ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू होते ही 76 कृषि साख सहकारी समितियों में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। समितियों की ओर से पंचायत पर ऋणदाताओं की सूची चस्पा की तो ऐसे किसान सामने आए, जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं, लेकिन वह कर्जदार हैं। किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा व समितियों पर पहुंच कर आपित्त दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि जब बैंक से कर्ज लिया ही नहीं तो माफी कैसी? जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से किसानों को फसल के लिए ऋण साख सहकारी समितियों के माध्यम से दिया जाता है। पिछले दस साल में बिना कागजी कार्रवाई किए 120 करोड़ का फर्जी ऋण वितरण किया गया। वर्ष 2010 में ऋण वितरण घोटाला सामने आया था, लेकिन तत्कालीन भाजपा...

राहुल जी, अब आपको देश के सामने सिर झुकाकर माफी मांगनी चाहिए

आज CAG की बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट संसद में पेश कर दी गयी जिसमें कीमत का खुलासा किये बिना कहा गया है कि यह सौदा पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय किए गए सौदे से कुल मिलाकर 2.86 फीसदी सस्ता है। तो क्या ये मान लिया जाए कि कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीमान राहुल गांधी जी का गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने राजनीतिक फायदे और वोट-बैंक के लिए देश को एक ऐसे भ्रम में रखा, जिसने देश की साख को धूमिल करने का कार्य किया है। लेकिन मैं राहुल जी को यही कहना चाहता हूं कि अगर आपको सीएजी की रिपोर्ट को भी अब झूठा समझना है तो समझिए, लेकिन अब आपको अपनी हरकतों के एवज में देश के सामने सिर झुकाकर माफी मांगनी चाहिए। मैं मानता हूं कि शब्द ब्रह्म है। वो तीर है जो निकलने के बाद कभी वापस नहीं आते। यहां तो राहुल जी के कृत्य से पूरे हिन्दुस्तानवासियों को फ्रांस ही नहीं बल्कि विश्वभर में रह रहे हिन्दुस्तानियों को वहां की सरज़मीं पर सिर को शर्म से झुकाना पड़ा होगा। राहुल जी, अब तो आपके माफी मांगने से वो पल भी नहीं लौटेगा।  राहुल जी, लेकिन इसमें गलती आपकी नहीं है, आपके सिपहसालारों की है, जो समय-समय पर अपने क...

गठबंधन नहीं, "ठगबंधन"

आज हर समाचार पत्र में  सपा- बसपा के गठबंधन की खबर है... मेरा मानना है यह गठबंधन नहीं ''ठगबंधन'' है...  लेकिन इन सबके बीच  यही कहना चाहता हूँ कि वर्ष 2019 का चुनावी युद्ध सदियों तक असर छोड़ने वाला है और ये चुनाव वैचारिक युद्ध का चुनाव है। दो विचारधाराएं आमने-सामने खड़ी हैं। आगामी चुनाव भारत के गरीब के लिए बहुत मायने रखता है। स्टार्टअप को लेकर निकले युवाओं के लिए ये चुनाव मायने रखता है। करोड़ों भारतीयों, जो दुनिया में भारत का गौरव देखना चाहते हैं, के लिए ये चुनाव मायने रखता है। एक-दूसरे का मुंह न देखने वाले आज हार के डर से एक साथ आ गए हैं, वो जानते हैं कि अकेले नरेंद्र मोदी जी को हराना मुमकिन नहीं है। 2014 के चुनाव में हम इन दलों को पराजित कर चुके हैं और आगे भी इन्हें पराजित करेंगे। भाजपा गरीबों के कल्याण और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ा रही है, जबकि विपक्षी दल केवल सत्ता के लिए साथ आ रहे हैं। 5 साल के अंदर भाजपा का गौरव ‘दिन दुनी’ गति से बढ़ा है। भाजपा का नयी दिल्ली में चल रहे अधिवेशन पर मेरा कहना है कि ये भारतीय जनता पार्टी के देशभर में फैले कार्यकर्ताओं के लि...