यह हमारे माननीय प्रधानमंत्री आ. श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की शक्ति ही है कि भारत ने अमेरिका के दबाव को दरकिनार करते हुए रिफाइनर्स को ईरान से तेल आयात करने की इजाजत दे दी। साथ ही, अमेरिकी प्रतिबंध को देखते हुए शिपिंग कॉर्प ऑफ इंडिया (एससीआई) समेत अन्य बड़े तेल आयातकों को नुकसान की भरपाई करने का वादा भी किया है। भारत के इस कदम से साफ हो गया है कि नवंबर तक यह इस्लामिक राष्ट्र वैश्विक तेल मार्केट से अलग नहीं रहेगा। इसके बाद ईरान के पेट्रोलियम सेक्टर पर अमेरिका का प्रतिबंध लागू हो जाएगा। 2015 की परमाणु डील रद्द होने के बाद अमेरिका ने जुलाई 2018 में ईरान पर व्यापारिक प्रतिबंध लगा दिए, जो नवंबर से लागू होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का कहना है कि इसके बाद दुनिया का कोई भी देश ईरान से तेल नहीं खरीदेगा। लेकिन तब भी हमारी सरकार का देशहित में उठाया गया ये कदम तारीफ के काबिल है।
जाहिर है, सरकार के वादे से दूर होगी कंपनियाें की चिंता। और ये सब संभव हो सका है केंद्र सरकार के लगातार अटल प्रयासों की बदौलत।
हमारा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है।
जाहिर है, सरकार के वादे से दूर होगी कंपनियाें की चिंता। और ये सब संभव हो सका है केंद्र सरकार के लगातार अटल प्रयासों की बदौलत।
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