मीडिया में आज खबरें आ रही हैं कि आरएसएस प्रमुख आदरणीय श्री मोहन भागवत जी ने कांग्रेस को लेकर बड़ा बयान दिया है. कहा जा रहा है कि उन्होंने आजादी की लड़ाई में कांग्रेस की भूमिका की तारीफ की है. देश की मीडिया के माध्यम से और देश की समस्त सम्मानित जनता को मैं यही संदेश देना चाहता हूं कि यही फर्क राष्ट्रीय स्वयंसेवक के संस्कार में. हम किसी दल, धर्म या किसी जातिगत समीकरण में भरोसा नहीं करते। संघ हमें देशप्रेम की शिक्षा देता है और संघ सबको साथ लेकर चलने का एक भाव है.‘’राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दृष्टिकोण’’ कार्यक्रम के पहले दिन आदरणीय श्री मोहन भागवत जी ने संघ की शुरुआत और उसके कामकाज के तरीके को लेकर विस्तार से जानकारी दी और कहा कि संघ के जैसा संगठन दुनिया में दूसरा नहीं है, जो अक्षरतशः सत्य है.
माननीय संघ प्रमुख ने करीब डेढ घंटे के संबोधन में यह साफ किया कि उनका संगठन अपना प्रभुत्व नहीं चाहता. उन्होंने कहा, "अगर संघ के प्रभुत्व के कारण कोई बदलाव होगा तो यह संघ की पराजय होगी’’. यह अपने में गौरवशाली वक्तव्य है और मैं मानता हूं कि देश के दिशा प्रदान करने के लिए संघ के विचार को अपनानान बेहद ज़रूरी है। और इसे एक आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए. एक दो व्यक्तियों से मिलकर पूरे कारवांस का प्रारूप तैयार होता है. आइए, हम सब मिलकर एक इस मुहिम को शुरू करें. संघ के विचार को ग्रहण करें.

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