Skip to main content

आज सबकी जुबान पर बस आदरणीय नरेंद्र भाई मोदी जी का नाम है

दुनियाभर में अपने निष्ठावान कर्तव्यों और सत्कर्मों से नाम कमा चुके देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र भाई मोदी जी का आज जन्मदिन है। उनके विषय में कुछ लिखना मतलब सूर्य को दीपक दिखाने जैसा है। लेकिन इतना ज़रूर कहूंगा कि वह ऐसे नाम हैं जो आज हर भारतवासी की जुबान और सबके दिलों में हैं। देश ही नहीं, उनकी कौशलता से विदेशों में भी उनकी उतनी ही चर्चा है। हर कोई आदरणीय नरेन्द्र दामोदरदास मोदी जी की जिंदगी की हर छोटी-मोटी बात को आज जानना चाहता है।
उनकी कर्तव्यनिष्ठा का ही उदाहरण है कि गुजरात राज्य के वह 14वें मुख्यमन्त्री बने और उनके काम के कारण गुजरात की जनता ने लगातार 4 बार (2001 से 2014 तक) मुख्यमन्त्री चुना। गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त आदरणीय नरेन्द्र भाई मोदी जी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर भी वे सबसे ज्यादा फॉलोअर वाले भारतीय नेता हैं।
वैसे तो नरेंद्र भाई मोदी जी कभी किसी सम्मान के भूखे नहीं रहे। वो कार्य और उसके कार्यान्वयन में यकीन रखते हैं, लेकिन उनके उत्कृष्ट कौशल को देखते हुए अप्रैल 2016 में नरेन्द्र मोदी सउदी अरब के उच्चतम नागरिक सम्मान 'अब्दुलअजीज अल सऊद के आदेश' (The Order of Abdulaziz Al Saud) से सम्मानित किया गया, वहीं जून 2016 में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार अमीर अमानुल्ला खान अवॉर्डसे सम्मानित किया।
एक चाय बेचने वाले कभी देश का पीएम भी बनेगा ये किसी ने सोचा नहीं था। आदरणीय मोदी जी ने राजनीति शास्त्र में एमए किया। बचपन से ही उनका संघ की तरफ खासा झुकाव था और गुजरात में आरएसएस का मजबूत आधार भी था। वे 1967 में 17 साल की उम्र में अहमदाबाद पहुंचे और उसी साल उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सदस्यता ली। इसके बाद 1974 में वे नव निर्माण आंदोलन में शामिल हुए। इस तरह सक्रिय राजनीति में आने से पहले श्रीमान मोदी जी कई वर्षों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। ऐसे महान नेता को आज उनके जन्मदिवस पर सहर्ष प्रणाम और हृदय से शुभकामना है।

Comments

Popular posts from this blog

किसानों पर कांग्रेस का छलावा अब उजागर

आज सुबह सुबह मध्य प्रदेश की एक ऐसी खबर पर नजर गई जो कांग्रेस एवं तमाम विपक्षी दलों के झूठ और किसानों को दिए झाँसे की पोल खोल कर रख देती है... झूठ के बल पर जहां कांग्रेस ने हाल में कुछ राज्यों में सरकारें बना ली, वहीं जब सच में किसानों का कर्ज माफी की बात सामने आ रही है तो नतीजा गोलमाल और हेराफेरी सा प्रतीत हो रहा है... मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में किसान ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू होते ही 76 कृषि साख सहकारी समितियों में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। समितियों की ओर से पंचायत पर ऋणदाताओं की सूची चस्पा की तो ऐसे किसान सामने आए, जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं, लेकिन वह कर्जदार हैं। किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा व समितियों पर पहुंच कर आपित्त दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि जब बैंक से कर्ज लिया ही नहीं तो माफी कैसी? जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से किसानों को फसल के लिए ऋण साख सहकारी समितियों के माध्यम से दिया जाता है। पिछले दस साल में बिना कागजी कार्रवाई किए 120 करोड़ का फर्जी ऋण वितरण किया गया। वर्ष 2010 में ऋण वितरण घोटाला सामने आया था, लेकिन तत्कालीन भाजपा...

डॉ. मनमोहन सिंह जी, आपकी योग्यता का उपयोग ही नहीं हुआ

हाल में देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आलोचनात्मक लहजे में कहा कि वह सिर्फ भारत के एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ही नहीं, थे, बल्कि देश के एक्सीडेंटल वित्त मंत्री भी थे। पूर्व प्रधानमंत्री का ये बयान आलोचनात्मक और व्यंग्यात्मक राजनीति भरा है, मुझे पता है। लेकिन मुझे इस पर कहना है कि डॉ. मनमोहन सिंह साहब, आप बहुत प्रतिभावान हैं, अनुभवी भी हैं, एक्सीडेंटल वित्त मंत्री नहीं, बल्कि आप अर्थशास्त्र की बहुत अच्छी जानकारी रखते हैं, लेकिन हकीकत तो ये है कि आपकी प्रतिभा को कांग्रेस नेतृत्व ने कभी इस्तेमाल ही नहीं होने दिया। आपको मुखौटा बनाकर सारे फैसले किसी और ने लिए... आपको केवल एक साइनिंग अथॉरिटी बनाकर रखा गया। दूसरा विषय कि पूर्व प्रधानमंत्री ये कहते हैं कि वह हर विदेशी यात्रा के बाद मीडिया से मुखातिब होते थे जबकि मोदी जी ऐसा नहीं करते। इस पर मैं कहूंगा कि आप मौजूदा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रिकॉर्ड को अच्छे से ज़रा देखिए, वह हिन्दुस्तान ही नहीं बल्कि विदेशी मीडिया तक से रू-ब-रू होते हैं। लाइव बातें करते हैं... उस दौरान मीडिया क्या, सीधे पब्लिक उनसे सवाल-जवाब कर सकते हैं...

राहुल जी, अब आपको देश के सामने सिर झुकाकर माफी मांगनी चाहिए

आज CAG की बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट संसद में पेश कर दी गयी जिसमें कीमत का खुलासा किये बिना कहा गया है कि यह सौदा पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय किए गए सौदे से कुल मिलाकर 2.86 फीसदी सस्ता है। तो क्या ये मान लिया जाए कि कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीमान राहुल गांधी जी का गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने राजनीतिक फायदे और वोट-बैंक के लिए देश को एक ऐसे भ्रम में रखा, जिसने देश की साख को धूमिल करने का कार्य किया है। लेकिन मैं राहुल जी को यही कहना चाहता हूं कि अगर आपको सीएजी की रिपोर्ट को भी अब झूठा समझना है तो समझिए, लेकिन अब आपको अपनी हरकतों के एवज में देश के सामने सिर झुकाकर माफी मांगनी चाहिए। मैं मानता हूं कि शब्द ब्रह्म है। वो तीर है जो निकलने के बाद कभी वापस नहीं आते। यहां तो राहुल जी के कृत्य से पूरे हिन्दुस्तानवासियों को फ्रांस ही नहीं बल्कि विश्वभर में रह रहे हिन्दुस्तानियों को वहां की सरज़मीं पर सिर को शर्म से झुकाना पड़ा होगा। राहुल जी, अब तो आपके माफी मांगने से वो पल भी नहीं लौटेगा।  राहुल जी, लेकिन इसमें गलती आपकी नहीं है, आपके सिपहसालारों की है, जो समय-समय पर अपने क...