पहली बार ऐसा हुआ है कि देश के किसी
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता जैसे विषय को एक अभियान की तरह इसकी शुरूआत की और
देशवासियों ने भी उसे सिर-आंखों पर बिठाया। स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा
चलाया गया सबसे महत्वपूर्ण स्वच्छता अभियान है। हम आपको याद दिला दें कि माननीय
प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया गेट पर स्वच्छता के लिए आयोजित
एक प्रतिज्ञा समारोह की अगुआई की थी, जिसमें देश भर से आए हुए लगभग 50 लाख सरकारी
कर्मचारियों ने भाग लिया था। उन्होंने इस अवसर पर राजपथ पर एक पदयात्रा को भी झंडी
दिखाई थी और न केवल सांकेतिक रूप से दो चार कदम चले बल्कि भाग लेने वालों के साथ
काफी दूर तक चलकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।
स्वच्छता के जन अभियान की अगुआई करते
हुए माननीय प्रधानमंत्री ने जनता को महात्मा गांधी के स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक
वातावरण वाले भारत के निर्माण के सपने को साकार करने के लिए प्रेरित किया। आदरणीय
श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं मंदिर मार्ग पुलिस थाने में स्वच्छता अभियान को शुरू
किया। धूल-मिट्टी को साफ़ करने के लिए झाडू उठाकर स्वच्छ भारत अभियान को पूरे
राष्ट्र के लिए एक जन-आंदोलन का रूप दिया और कहा कि लोगों को न तो स्वयं गंदगी
फैलानी चाहिए और न ही किसी और को फैलाने देना चाहिए। उन्होंने “न गंदगी करेंगे, न करने देंगे।” का मंत्र भी दिया। मा। प्रधानमंत्री जी ने नौ लोगों को स्वच्छता
अभियान में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया और उनमें से हर एक से यह अनुरोध
किया वो अन्य नौ लोगों को इस पहल में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
लोगों को इस अभियान में शामिल होने का
आह्वान करके स्वच्छता अभियान एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुका है। स्वच्छ भारत
अभियान के संदेश ने लोगों के अंदर उत्तरदायित्व की एक अनुभूति जगा दी है। अब जबकि नागरिक
पूरे देश में स्वच्छता के कामों में सक्रिय रूप से सम्मिलित हो रहे हैं, महात्मा गांधी द्वारा देखा गया ‘स्वच्छ
भारत’ का सपना अब साकार होने लगा है।
आज मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है
कि कॉरपोरेट सेक्टर ने भी आदरणीय मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान को अपनाया लिया है।
यह अपने नायाब और ऐतिहासिक है कि स्वच्छता जैसे विषय पर कॉरपोरेट जगत भी गंभीर हो
गए हैं।

आदरणीय यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को हार्दिक शुभकामनाएं।
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