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स्वच्छ भारत अभियान : स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच में बदलाव

भारत सरकार द्वारा जब वर्ष  2014 में स्वच्छ भारत अभियान की  शुरूवात की थी उस समय कुछ आलोचकों द्वारा इस अभियान का अन्त  भी अन्य सरकारी अभियानों की तरह  होने का अन्देशा प्रकट किया था।  स्वच्छता अभियान के 4 वर्ष पूरे होने जा रहे है। इस अभियान के कई उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे है। इस अभियान से देश की प्रतिष्ठा बढ़ने के साथ-साथ आर्थिक , समाजिक व व्यवसायिक क्षेत्र में सुधार तो हुआ ही है, लेकिन सबसे बड़ा परिर्वतन स्वच्छता के प्रति आम जनता के व्यवहार में हो  रहे दृष्टिगत बदलाव का है। स्वच्छ भारत अभियान के प्रारम्भ  होने के बाद से देश में लगभग प्रत्येक क्षेत्र में बदलाव आया है । ख़ास बात ये भी है की स्वच्छता  के प्रति लोगों की सोच में बदलाव देखने को मिल रहा है।
व्यवहारिक बदलाव के लिये प्रारम्भ किया गया स्वच्छ भारत अभियान आज विश्व का सबसे बड़ा अभियान है । 
इस अभियान का उदेद्श्य तभी पूरा  हो सकता था जब कि इसमें जनसहभागिता हो। लेकिन  भारत सरकार के अथक प्रयास से आज यह संभव हुआ है कि स्वच्छता के प्रति जनमानस की मनोवृति में बदलाव आया है। भारत को देवी-देवताओं का देश भी कहा जाता है। हम यह भी जानते है कि देवी-देवता स्वच्छता  में ही वास करते है। देवी-देवताओं के देश भारत को स्वच्छ बनाने  में हम सभी देशवासियों को आगे बढ़कर अपना योगदान देना होगा। आईये इस जन आन्दोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

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