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भारत की जय - जय

मैं आपको देश के यशस्वी प्रधानमंत्री अा. नरेन्द्र भाई मोदी जी की उलब्धियों और देश के विकास में ऐतिहासिक नेतृत्व का उदाहरण हर दिन प्रस्तुत कर रहा हूं... आज भी इसमें एक और कड़ी को आपसे साझा कर रहा हूं... आपको जानकर आपका मनोबल गौरव से ऊंचा हुआ होगा कि मालदीव में राष्ट्रपति पद का चुनाव भी उस व्यक्ति ने जीता है को अा. नरेन्द्र मोदी या सीधे शब्दों में कहें कि भारत का समर्थित उम्मीवार है... और इस चुनाव में चीन जैसे देश के समर्थित उम्मीवार को मुंह की खानी पड़ी है... जी हां, हिन्द महासागर में स्थित छोटे से द्वीप समूह मालदीव की जनता ने भारत से अच्छे रिश्ते रखने के हिमायती मालदिवियन डेमोक्रैटिक पार्टी (MDP) के उम्मीदवार इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को विजयी बनाया है। भारत के साथ रिश्तों को ताक पर रख कर चीन की नीतियों को बढ़ावा देने में जुटे राष्ट्रपति अब्दुल्लाह अमीन को करारा झटका लगा है। भारत ने भी रविवार को हुए चुनाव परिणाम का स्वागत किया है। भारत ने कहा है कि यह जीत मालदीव में लोकतांत्रिक मूल्यों की है और वह नई सरकार के साथ काम करने को इच्छुक है।

आपको आश्चर्य होगा कि मालदीव में तकरीबन 8-9 महीने से हालात काफी खराब रहे हैं। राष्ट्रपति यामीन ने वहां सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद अपातकाल घोषित कर दिया था। इसको लेकर भारत और चीन के बीच भी परोक्ष तौर पर बहस हुई। भारत की तरफ से वहा सैन्य कार्रवाई करने की मांग हो रही थी। इस पर चीन ने चेतावनी दी थी। चीन के बढ़ते दबदबे को देख अमेरिका, ब्रिटेन समेत अन्य देशों ने भी चिंता जताई थी।

सोलीह को भारत समर्थक माना जाता है। मौजूदा राष्ट्रपति यामीन ने भारत के बजाय चीन के साथ रिश्तों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने वादा किया कि भारत के साथ विशेष व्यापार समझौता करेंगे लेकिन किया चीन के साथ। मालदीव पर चीन हाल के वर्षों में काफी ध्यान दे रहा है क्योंकि इसके जरिए वह हिन्द महासागर में भारत को घेरने की मंशा रखता है। चीन भारत के चारों तरफ अपने बंदरगाह बनाने की कोशिश कर रहा है। वैसे इस जीत के साथ अब मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद के भी स्वदेश वापसी की राह आसान होगी। उन्हें भारत समर्थक माना जाता है।

बता दें कि मालदीव के चुनाव परिणाम पर भारत और चीन दोनों की नजर थी। भारत के दशकों तक रहे इस देश में हाल के वर्षों में तेजी से चीन का प्रभाव बढ़ा है। इसके चलते भारतीय कंपनियों को बाहर का रास्ता देखना पड़ा है, लेकिन अब स्थिति में तेजी से सुधार होगा... 
निस्संदेह ये हमारे अा. प्रधानमंत्री जी की विदेश नीति की जीत है।

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